BaalVikas
Menu
General Science
Asked 2 hours ago · Viewed 0 times

भौतिक राशियों, उनके मापन और मात्रकों (Units and Measurement) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पार्सैक (Parsec) और प्रकाश वर्ष (Light-year) दोनों खगोलीय दूरियों को मापने की इकाइयाँ हैं, जिनमें से एक पार्सैक लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है, और यह किसी खगोलीय वस्तु द्वारा एक खगोलीय इकाई (AU) की चाप पर अंतरित एक चाप सेकंड (1 arcsec) का कोण है।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली (SI) में सात मूल राशियाँ हैं, तथा 'रेडियन' (Radian) और 'स्टेरेडियन' (Steradian) इसके पूरक मात्रक (Supplementary units) हैं, जो क्रमशः समतल कोण और घन कोण को मापते हैं।
  3. 3. जब किसी भौतिक राशि के मापन में विभिन्न प्रेक्षणों के मान अलग-अलग प्राप्त होते हैं, तो मापित मानों की वास्तविक या सत्य मान के निकटता को 'परिशुद्धता' (Precision) कहा जाता है, जबकि विभिन्न मापों के एक-दूसरे के कितने समीप होने को 'यथार्थता' (Accuracy) कहते हैं।
  4. 4. किसी भौतिक राशि के व्युत्पन्न मात्रक को उसके विमीय सूत्र (Dimensional Formula) की सहायता से मूल मात्रकों के घातों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, उदाहरणार्थ, दाब का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-2}]$ होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पार्सैक दूरी की सबसे बड़ी इकाई है और 1 पार्सैक = 3.26 प्रकाश वर्ष होता है। कथन 2 सही है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार SI प्रणाली में 7 मूल मात्रक और 2 पूरक मात्रक (रेडियन और स्टेरेडियन) हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि परिभाषाएँ परस्पर विपरीत दी गई हैं—वास्तविक मान के निकटता को 'यथार्थता' (Accuracy) और विभिन्न मापों के आपस में समीप होने को 'परिशुद्धता' (Precision) कहते हैं। कथन 4 सही है, दाब = बल/क्षेत्रफल, जिसका विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-2}]$ होता है। अतः सही विकल्प (a) है।
Share:
अगला प्रश्न → पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (कैल्विन तथा हैच-स्लैग चक्र) और पादप… ← पिछला प्रश्न मानव शरीर के विभिन्न तन्त्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और…

Related Questions

→ सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिका विभाजन (सेल साइकिल) और कोशिकांगों की विशिष्ट गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोशिका चक्र की 'एस-फेज' (S-phase) के दौरान डीएनए का प्रतिकृति (Replication) होता है, और यदि इस चरण में गुणसूत्रों की संख्या दुगुनी हो जाती है, तो कोशिका की ploidy (गुणसूत्र सेट संख्या) भी दोगुनी हो जाती है। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, समसूตรี विभाजन (Mitosis) की पश्चावस्था (Anaphase) के दौरान सेंट्रोमियर का विभाजन होता है और सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं। 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) उप-अवस्था में सजातीय (Homologous) गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय 'क्रॉसिंग ओवर' के माध्यम से होता है, जिसे उत्प्रेरित करने वाला मुख्य एंजाइम 'रिकॉम्बिनेस' (Recombinase) है। 4. माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) ऐसे अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जो कोशिका चक्र की जी-जीरो ($G_0$) अवस्था में ही केवल स्वतंत्र रूप से विभाजित होते हैं और इनमें नाभिकीय डीएनए पर पूरी तरह निर्भर रहने वाले अपने स्वयं के राइबोसोम्स होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र की क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की मुख्य (पैप्टिक या ज़ाइमोजीन) कोशिकाएं पेप्सिनोजेन का स्राव करती हैं, जिसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) द्वारा सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित किया जाता है, और यह सक्रिय पेप्सिन प्रोटीन को प्रोटियोज़ और पेप्टोन में तोड़ता है। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, विश्राम की अवस्था में एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति द्वारा प्रति मिनट श्वसन दर सामान्यतः 12 से 16 बार होती है, तथा प्रश्वसन (Inspiration) के दौरान डायाफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (External intercostal muscles) के संकुचन से वक्षीय गुहा का आयतन बढ़ जाता है और आंतरिक दाब कम हो जाता है। 3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, जब आलिंद सिस्टॉल (Atrial systole) की स्थिति में होते हैं, तो उस समय रक्त का प्रवाह आलिंदों से निलयों में लगभग 70% तक निष्क्रिय रूप से पहले ही हो चुका होता है, और आलिंदों के संकुचन से शेष 30% रक्त निलयों में पंप किया जाता है। 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में पश्च मस्तिष्क (Hindbrain) के अंतर्गत आने वाला मेडुला ओब्लॉन्गेटा (Medulla oblongata) श्वसन केंद्र, हृदय संबंधी कार्डियोवैस्कुलर केंद्रों और गैस्ट्रिक स्राव को नियंत्रित करने वाले प्रमुख केंद्रों का नियंत्रण करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → आनुवंशिकी और जैव विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग साम्य (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, किसी बड़े यादृच्छिक संगामी (random-mating) जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियाँ स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह (Gene flow) जैसी विकासवादी शक्तियाँ कार्य न कर रही हों। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लामार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) पर आधारित था, जिसका खंडन वीजमैन (Weismann) द्वारा चूहों की पूंछ काटने के प्रयोग (जर्मप्लाज्म सिद्धांत) के माध्यम से किया गया था। 3. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक मुख्य रूप से 'अनुषंगी डीएनए' (Satellite DNA) के अंतर्गत आने वाले लघु अनुक्रमों पर आधारित होती है, जिन्हें परिवर्तनशील संख्या में टैंडम पुनरावृत्ति (VNTRs) कहा जाता है, जो प्रत्येक व्यक्ति में अत्यधिक बहुरूपता (Polymorphism) दर्शाते हैं। 4. ओपेरॉन मॉडल (Operon Model), जिसे जैकब और मोनोड द्वारा प्रतिपादित किया गया था, यह स्पष्ट करता है कि प्रोकैरियोट्स में जीन अभिव्यक्ति का नियंत्रण किस प्रकार होता है, जहाँ 'लैक ओपेरॉन' एक प्रेरणीय (Inducible) प्रणाली है जो लैक्टोज की अनुपस्थिति में सक्रिय और उपस्थिति में संदमित (Repressed) रहती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पदार्थ की अवस्थाओं और परमाणु संरचना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्वार्क-ग्लूऑन प्लाज्मा (QGP) पदार्थ की वह चरम उच्च ऊर्जा अवस्था है जो बिग बैंग के तुरंत बाद अस्तित्व में थी, जहाँ तापमान इतना अधिक होता है कि प्रोटॉन और न्यूट्रॉन पिघلकर अपने मूल क्वार्क और gluon घटकों में स्वतंत्र हो जाते हैं। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सोमरफील्ड का परमाणु मॉडल बोर के मॉडल का विस्तार था, जिसमें इलेक्ट्रॉनों के लिए दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं (Elliptical orbits) की परिकल्पना की गई और आपेक्षिकीय सुधारों (Relativistic corrections) को शामिल करके हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की सूक्ष्म संरचना (Fine structure) को समझाया गया। 3. जब किसी ठोस पदार्थ को बिना द्रव अवस्था में बदले सीधे गैस में परिवर्तित किया जाता है, तो इस प्रक्रम को ऊर्ध्वपातन (Sublimation) कहते हैं, और इस अवस्था परिवर्तन के दौरान एन्ट्रॉपी (Entropy) में होने वाला परिवर्तन ऋणात्मक होता है। 4. किसी परमाणु के लिए मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) उस कक्षक के आकार और ऊर्जा को निर्धारित करती है, जबकि azimuthal (दिग्लंशी) क्वांटम संख्या ($l$) कक्षक के त्रिविमीय आकार (Three-dimensional shape) और कोणीय संवेग को निरूपित करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है। 2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है। 3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था। 4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.