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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (कैल्विन तथा हैच-स्लैग चक्र) और पादप हार्मोन्स की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं, परंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद (Gametophyte) होता है जो स्वतंत्र रूप से प्रकाशसंश्लेषी होता है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, $C_4$ पौधों (जैसे मक्का और गन्ना) में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर न्यूनतम होती है क्योंकि इनमें फॉस्फोइनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेस एंजाइम पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में $CO_2$ का प्राथमिक स्थिरीकरण करके चार कार्बन वाला ऑक्सोएसेटिक अम्ल बनाता है।
- 3. एब्सिसिक एसिड (ABA) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है, बीज प्रसुप्तता (Seed dormancy) को तोड़ता है और शुष्क तनाव की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) को खोलने का कार्य करता है।
- 4. जिबरेलिन (Gibberellins) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों की लंबाई में तेजी से वृद्धि (Internode elongation) को प्रेरित करते हैं और सेब जैसे फलों के आकार को सुधारने तथा अंगгуरी गुच्छों की लंबाई बढ़ाने में सहायक होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का उभयचर (Amphibians of plant kingdom) कहा जाता है। इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद होता है।
कथन 2 सही है: विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, $C_4$ पौधों में $CO_2$ का प्राथमिक स्थिरीकरण PEP कार्बोक्सिलेस द्वारा होता है, जिससे प्रकाश श्वसन नगण्य होता है।
कथन 3 गलत है: एब्सिसिक एसिड (ABA) एक 'वृद्धि रोधक' (Growth inhibitor) हार्मोन है, यह बीज प्रसुप्तता को प्रेरित करता है (तोड़ता नहीं है) और जल संकट (शुष्क तनाव) के समय पर्णरंध्रों को बंद करने का कार्य करता है।
कथन 4 सही है: जिबरेलिन तने की लंबाई (इंटरनोड दीर्घीकरण) को बढ़ाते हैं और कृषि एवं बागवानी में इनका व्यापक उपयोग होता है।
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र की क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की मुख्य (पैप्टिक या ज़ाइमोजीन) कोशिकाएं पेप्सिनोजेन का स्राव करती हैं, जिसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) द्वारा सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित किया जाता है, और यह सक्रिय पेप्सिन प्रोटीन को प्रोटियोज़ और पेप्टोन में तोड़ता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, विश्राम की अवस्था में एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति द्वारा प्रति मिनट श्वसन दर सामान्यतः 12 से 16 बार होती है, तथा प्रश्वसन (Inspiration) के दौरान डायाफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (External intercostal muscles) के संकुचन से वक्षीय गुहा का आयतन बढ़ जाता है और आंतरिक दाब कम हो जाता है।
3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, जब आलिंद सिस्टॉल (Atrial systole) की स्थिति में होते हैं, तो उस समय रक्त का प्रवाह आलिंदों से निलयों में लगभग 70% तक निष्क्रिय रूप से पहले ही हो चुका होता है, और आलिंदों के संकुचन से शेष 30% रक्त निलयों में पंप किया जाता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में पश्च मस्तिष्क (Hindbrain) के अंतर्गत आने वाला मेडुला ओब्लॉन्गेटा (Medulla oblongata) श्वसन केंद्र, हृदय संबंधी कार्डियोवैस्कुलर केंद्रों और गैस्ट्रिक स्राव को नियंत्रित करने वाले प्रमुख केंद्रों का नियंत्रण करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं के कोशिकांगों (Organelles) और अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane System) की संरचनात्मक तथा कार्यात्मक गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतःप्रद्रव्य जालिका (Endoplasmic Reticulum) के खुरदरे भाग (RER) पर राइबोसोम की सब-यूनिट्स को बांधने वाले विशिष्ट प्रोटीन 'राइबोफोरिन' (Ribophorin I और II) उपस्थित होते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण और उनके स्थानांतरण में मदद करते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का 'सिस' (Cis) सिस्टर्नी क्षेत्र हमेशा नाभिक की ओर उन्मुख होता है और इसे निर्माणकारी या प्रवेश चेहरा (Forming face) कहा जाता है, जहाँ ईआर से संश्लेषित प्रोटीन ग्लाइकोसिलेशन के लिए प्रवेश करते हैं।
3. लाइसोसोम (Lysosomes) में अम्लीय हाइड्रोलिसेस (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेटेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिनकी सक्रियता के लिए कोशिकाद्रव्य का pH लगभग 7.4 होना आवश्यक होता है, और pH में मामूली वृद्धि होते ही ये एंजाइम अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं।
4. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सीसोम' (F_0-F_1 कण) एटीपी संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, जिसमें प्रोटॉनों का प्रवाह अंतःझिल्ली अवकाश से माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स की ओर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के विभिन्न तन्त्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय में HCl का स्राव करने वाली ऑक्सिंटिक (पारीय) कोशिकाएं पेप्सिनोजेन का भी स्राव करती हैं, जिसे सक्रिय पेप्सिन में बदलने का कार्य गैस्ट्रिन हार्मोन सीधे करता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, फेफड़ों की कुल क्षमता (Total Lung Capacity - TLC) वह अधिकतम वायु आयतन है जो एक बलपूर्वक श्वसन के बाद फेफड़ों में समा सकती है, जिसमें ज्वारीय आयतन, पूरक आयतन, अवशेष आयतन और आरक्षित श्वसन आयतन सभी शामिल होते हैं।
3. हृदय चक्र के दौरान, जब निलय (Ventricles) संकुचन करते हैं, तो उस समय आलिंद-निलय वाल्व (द्विवलनी और त्रिवलनी वाल्व) रक्त के विपरीत प्रवाह को रोकने के लिए बंद हो जाते हैं, जिससे हृदय की दूसरी ध्वनि (Dub) उत्पन्न होती है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के पार तंत्रिका आवेगों के रासायनिक संचरण के दौरान, प्री-सिनेप्टिक झिल्ली से न्यूरोट्रांसमीटर का विमोचन कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) के अंतःवाह (Influx) द्वारा प्रेरित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्य (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, किसी बड़े यादृच्छिक संगामी (random-mating) जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियाँ स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह (Gene flow) जैसी विकासवादी शक्तियाँ कार्य न कर रही हों।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लामार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) पर आधारित था, जिसका खंडन वीजमैन (Weismann) द्वारा चूहों की पूंछ काटने के प्रयोग (जर्मप्लाज्म सिद्धांत) के माध्यम से किया गया था।
3. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक मुख्य रूप से 'अनुषंगी डीएनए' (Satellite DNA) के अंतर्गत आने वाले लघु अनुक्रमों पर आधारित होती है, जिन्हें परिवर्तनशील संख्या में टैंडम पुनरावृत्ति (VNTRs) कहा जाता है, जो प्रत्येक व्यक्ति में अत्यधिक बहुरूपता (Polymorphism) दर्शाते हैं।
4. ओपेरॉन मॉडल (Operon Model), जिसे जैकब और मोनोड द्वारा प्रतिपादित किया गया था, यह स्पष्ट करता है कि प्रोकैरियोट्स में जीन अभिव्यक्ति का नियंत्रण किस प्रकार होता है, जहाँ 'लैक ओपेरॉन' एक प्रेरणीय (Inducible) प्रणाली है जो लैक्टोज की अनुपस्थिति में सक्रिय और उपस्थिति में संदमित (Repressed) रहती है।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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