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History of India
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अलाउद्दीन खिलजी ने मिल्क, वक्फ और इनाम के रूप में दी गई किन भूमियों को वापस ले लिया था?

Detailed Explanation

उसने धार्मिक दान (वक्फ/इनाम) की भूमि वापस ली।
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Related Questions

→ शाहजहाँ ने अपनी राजधानी आगरा से हटाकर कहाँ स्थापित की और उसका नाम क्या रखा? → वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नई 'एनफील्ड' राइफल में प्रयुक्त होने वाले कारतूसों के आवरण को लोड करने से पहले दांत से काटना पड़ता था, जिसके संबंध में यह अफवाह फैल गई थी कि उस आवरण में गाय और सुअर की चर्बी का प्रयोग किया गया है। 2. इस घटना की शुरुआत सर्वप्रथम जनवरी 1857 में दमदम छावनी में हुई थी, जहाँ भारतीय सिपाहियों ने इन कारतूसों के प्रयोग के विरोध में खुलकर बगावत कर दी थी। 3. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को इन कारतूसों के प्रयोग का कड़ा विरोध करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों पर आक्रमण किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → चंपारण सत्याग्रह (1917), खेड़ा सत्याग्रह (1918) और असहयोग आंदोलन (1920-22) के ऐतिहासिक घटनाक्रमों और महात्मा गांधी की रणनीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया' प्रथा के विरुद्ध महात्मा गांधी ने आवाज उठाई, जिसमें किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20 वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी होती थी, और सरकार द्वारा गठित 'चंपारण कृषि समिति' ने किसानों के पक्ष में अवैध वसूली का 25 प्रतिशत हिस्सा वापस करने की सिफारिश की थी। 2. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह में अकाल और फसल खराब होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा लगान वसूली माफ न किए जाने पर, गांधीजी ने किसानों को कर अदायगी रोकने का आह्वान किया था, और इसी आंदोलन के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल उनके मुख्य सहयोगी के रूप में उभरे थे। 3. वर्ष 1918 में ही अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने सूती कपड़ा मिलों के मालिकों और मजदूरों के बीच 'प्लेग बोनस' को लेकर उपजे विवाद के समाधान के लिए अपने जीवन का पहला आमरण अनशन (Hunger Strike) किया था। 4. वर्ष 1920 में प्रारंभ हुए असहयोग आंदोलन के दौरान नागपुर अधिवेशन में कांग्रेस ने 'शांतिपूर्ण और वैध तरीकों से स्वराज की प्राप्ति' को अपना मुख्य लक्ष्य घोषित किया तथा आंदोलन के सकारात्मक कार्यक्रमों के तहत राष्ट्रीय विद्यालयों की स्थापना और अस्पृश्यता निवारण को प्रमुखता दी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भक्ति और सूफी आंदोलन के विभिन्न संतों, उनकेार्दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनके अनुयायियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित 'अद्वैत वेदांत' के अनुसार ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है और जगत मिथ्या है, जबकि रामानुजचार्य ने 'विशिष्टाद्वैत' के सिद्धांत का प्रतिपादन किया जिसके तहत जीव और जगत ब्रह्म के ही अंश हैं किंतु उनसे पूर्णतः भिन्न नहीं हैं। 2. सूफी सिलसिलों में 'चिशती सिलसिला' भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ, जिसकी स्थापना ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर में की थी, और इस सिलसिले के संतों ने राज्य के संरक्षण और राजकीय पदों को स्वीकार करने की नीति का कड़ाई से पालन किया। 3. पंद्रहवीं शताब्दी के महान संत कबीर ने मूर्तिपूजा, बाह्य आडंबरों और जाति-प्रथा का तीव्र विरोध किया तथा निर्गुण ब्रह्म की उपासना पर बल दिया, जबकि उनके समकालीन संत रामानंद ने राम भक्ति को आधार बनाते हुए समाज के सभी वर्गों के लिए द्वार खोल दिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → प्रसिद्ध मोरक्को यात्री "इब्न बतूता" किसके शासनकाल में भारत आया था?
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