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1857 की क्रांति के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

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1857 के विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग भारत का गवर्नर जनरल था।
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के गठन के लिए चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के प्रावधानों के तहत हुए थे, जिसमें ब्रिटिश भारत के प्रांतों को आवंटित 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कुल 208 सीटें प्राप्त कीं, जबकि मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिलीं। 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित हुई, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग लिया और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया, जबकि डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को बाद में 11 दिसंबर 1946 को स्थायी अध्यक्ष बनाया गया। 3. संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) के रूप में सर बी.एन. राव (Benegal Narsing Rau) को नियुक्त किया गया था, जिन्होंने संविधान का प्रारंभिक प्रारूप (Draft) तैयार किया था। 4. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा, तथा 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत करते समय संविधान में कुल 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य के जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, और इसके लिए उच्च न्यायालय से परामर्श करना एक अनिवार्य संवैधानिक आवश्यकता है। 2. भारत के प्रत्येक संघ राज्य क्षेत्र (केंद्र शासित प्रदेश) का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक प्रशासक (Administrator) के माध्यम से चलाया जाता है, जिसका औपचारिक पदनाम हमेशा 'उपराज्यपाल' (Lieutenant Governor) ही होता है। 3. संसद को विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक विस्तारित करने अथवा उसे कम करने की पूर्ण संवैधानिक शक्ति प्राप्त है, जैसा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर लागू होता है। 4. संविधान के अनुच्छेद 233क के तहत कुछ जिला न्यायाधीशों की नियुक्तियों और उनके द्वारा दिए गए निर्णयों या आदेशों को कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में भूतकाल से विधिमान्य (Validated) घोषित करने की शक्ति संसद को दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) तथा संसद के दोनों सदनों (राज्य सभा और लोकसभा) की विधायी एवं विशेषाधिकार संबंधी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी किसी भी समिति की बैठकों में भाग लेने और बोलने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी मामले में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 2. अनुच्छेद 105 के अनुसार संसद के सदस्यों को मिलने वाले सभी विशेषाधिकार और उन्मुक्तियाँ महान्यायवादी को भी पूरी तरह से प्राप्त होती हैं, क्योंकि वह संसद का एक निर्वाचित सदस्य होता है। 3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसे कभी भी भंग नहीं किया जा सकता, किंतु इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, और राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिसके चुनाव में राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य भी मतदान करते हैं। 4. धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में लोकसभा की स्थिति राज्य सभा की तुलना में पूर्णतः अनन्य और सर्वोपरि होती है, और राज्य सभा किसी भी धन विधेयक को अपने पास अधिकतम 30 दिनों तक रोक सकती है, जिसके बाद यदि वह इसे वापस नहीं करती है तो इसे दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार के राजनीतिक, विधायी और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत स्थापित राज्य का उच्च सदन है, जिसकी वर्तमान कुल सदस्य संख्या 75 है, और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों जैसे स्थानीय प्राधिकार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और विधानसभा सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है। 2. राज्य के प्रशासनिक ढांचे के शीर्ष पर मुख्य सचिव (Chief Secretary) होता है, जो बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का प्रशासनिक प्रमुख होने के साथ-साथ मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग का भी प्रभार संभालता है, और राज्य में नीति निर्माण एवं प्रशासनिक समन्वय में मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार होता है। 3. बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (Bihar Administrative Reforms Mission) के अंतर्गत राज्य में 'लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015' लागू किया गया है, जिसके तहत नागरिकों को सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी समाधान के लिए त्रि-स्तरीय अपील की व्यवस्था प्रदान की गई है। 4. बिहार सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2006 में पंचायती राज अधिनियम में संशोधन कर स्थानीय निकायों के सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत आरक्षण की ऐतिहासिक व्यवस्था लागू की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? किस क्षेत्र में राहुल सांकृत्यायन 1920 के असहयोग आंदोलन में सक्रिय थे?
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