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BPSC TRE 4.0
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पौधे के कौन से भाग से हल्दी प्राप्त होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हल्दी पौधे के भूमिगत तने (प्रकंद/Rhizome) से प्राप्त की जाती है।
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विटामिन C का रासायनिक नाम क्या है?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व स्थापित विभिन्न राजनीतिक एवं पूर्ववर्ती संस्थाओं तथा उनके स्थापना वर्ष और संस्थापक/नेताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1838 में द्वारकानाथ टैगोर और प्रसन्न कुमार ठाकुर द्वारा स्थापित 'लैंडहोल्डर्स सोसाइटी' (Landholders Society) भारत की पहली राजनीतिक संस्था थी, जिसे मुख्य रूप से जमींदारों के हितों की रक्षा और उनके भू-राजस्व अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था।
2. वर्ष 1866 में दादाभाई नौरोजी द्वारा लंदन में 'ईस्ट इंडिया एसोसिएशन' (East India Association) की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश जनमत को प्रभावित करना और भारत की वास्तविक समस्याओं से ब्रिटिश जनता को अवगत कराना था।
3. वर्ष 1867 में महादेव गोविंद रानाडे द्वारा स्थापित 'पूना सार्वजनिक सभा' (Poona Sarvajanik Sabha) ने सरकार और जनता के मध्य एक सेतु का कार्य किया तथा किसानों और आम जनता के कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
4. वर्ष 1876 में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन एसोसिएशन' (Indian Association) को कलकत्ता में स्थापित किया गया था, जिसका एक प्रमुख उद्देश्य सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा घटाने के अंग्रेजों के निर्णय का कड़ा विरोध करना और एक अखिल भारतीय राजनीतिक मंच तैयार करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के लोक साहित्य और भाषा के संदर्भ में, प्रसिद्ध भोजपुरी उपन्यास 'फूला' (Phula) के रचयिता निम्नलिखित में से कौन हैं, जिन्हें भोजपुरी साहित्य का एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर माना जाता है?
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1वीं शताब्दी के सामाजिक एवं सांस्कृतिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और जातिगत कठोरता का कड़ा विरोध करते हुए एकेश्वरवाद पर बल दिया।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती ने वर्ष 1875 में 'आर्य समाज' की स्थापना की और 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देते हुए हिंदू धर्म की शुद्धि और अंतरजातीय विवाहों का समर्थन किया।
3. ज्योतिराव फुले ने वर्ष 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य बहुजनों, शूद्रों और अतिशूद्रों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व से मुक्त कराना और शिक्षा का प्रसार करना था।
4. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रयासों से वर्ष 1856 में 'हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' (Act XV of 1856) पारित हुआ, जिसे लॉर्ड डलहौजी के शासनकाल में कानूनी मान्यता मिली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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आधुनिक भारत के इतिहास में 'संन्यासी विद्रोह' (Sannyasi Rebellion) और अन्य समकालीन आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संन्यासी विद्रोह मुख्य रूप से बंगाल के पूर्णिया, तिरहुत और रंगपुर क्षेत्रों में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी राजस्व नीतियों, तीर्थयात्रा कर लगाने तथा 1770 के भयंकर अकाल के दौरान राहत कार्यों की उपेक्षा के विरुद्ध भड़का था।
2. इस विद्रोह में हिंदू संन्यासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विस्थापित किसानों, कारीगरों और 'फकीर' कहे जाने वाले मुस्लिम धार्मिक सुधारकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया था, जिनका नेतृत्व मजनू शाह और देवी चौधुरानी जैसे प्रसिद्ध व्यक्तित्वों ने किया था।
3. ब्रिटिश गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने इस विद्रोह का पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से दमन किया और किसी भी सैन्य बल का प्रयोग किए बिना केवल सामाजिक सुधारों के माध्यम से संन्यासियों को मुख्यधारा में शामिल कर लिया था।
4. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यास 'आनंदमठ' इसी संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें देशभक्ति का अमर गीत 'वंदे मातरम्' पहली बार सामने आया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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