त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
19 views
पौधे के कौन से भाग से हल्दी प्राप्त होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हल्दी पौधे के भूमिगत तने (प्रकंद/Rhizome) से प्राप्त की जाती है।
Related Questions
→
बिहार के भौगोलिक परिदृश्य में नदियों के प्रवाह स्वरूप, जलवायुगत विशेषताओं तथा पारंपरिक कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के उत्तरी मैदानी भाग में प्रवाहित होने वाली कोसी और गंडक नदियाँ अपने मार्ग परिवर्तन (Course Migration) के लिए कुख्यात हैं, और ये नदियाँ हिमालयी क्षेत्रों से भारी मात्रा में अवसाद (Silt) लाकर उत्तरी बिहार के विस्तृत भू-भाग पर बाढ़ और डेल्टाई विशेषताओं का निर्माण करती हैं।
2. दक्षिण बिहार का पठारी और असमतल क्षेत्र सोन, पुनपुन और किउल जैसी नदियों द्वारा सिंचित होता है, जहाँ जल की कमी को दूर करने के लिए ऐतिहासिक रूप से 'आहर-पाइन' (Ahar-Pyne) सिंचाई प्रणाली का बड़े पैमाने पर विकास किया गया है, जो एक विशिष्ट पारंपरिक जल संचयन तकनीक है।
3. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग में औसत वर्षा दक्षिण-पूर्वी भाग की तुलना में अधिक होती है, तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा यहाँ वर्षा का मुख्य स्रोत है।
4. राज्य में पारंपरिक कृषि पद्धतियों के अंतर्गत धान की खेती के लिए 'सत्तू' या 'लेवा' पद्धति के साथ-साथ धान की नर्सरी तैयार करने की 'श्री विधि' (System of Rice Intensification - SRI) को जल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार के आर्थिक विकास और संरचनात्मक परिदृश्य के संदर्भ में, 'कृषि उद्योग एवं व्यापार और आधारभूत संरचना' के निम्नलिखित पहलुओं पर विचार कीजिए:
1. बिहार में कृषि आधारित उद्योगों के विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (पाठ्य एवं वस्त्र उद्योग)' के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने हेतु 'बिहार राज्य खाद्य प्रसंस्करण नीति' लागू की है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ाना है।
2. राज्य के परिवहन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए 'अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा' (AKIC) परियोजना का एक महत्वपूर्ण भाग बिहार से होकर गुजरता है, जिसमें गया और पश्चिमी चंपारण जिलों को प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित किए जाने का प्रावधान है।
3. बिहार में अंतर्देशीय जलमार्गों (Inland Waterways) के विकास के अंतर्गत राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी: हल्दिया से प्रयागराज) राज्य के कई जिलों जैसे पटना, भागलपुर और बक्सर से होकर गुजरता है, जो व्यापार और माल ढुलाई के लिए एक सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम प्रदान करता है।
4. राज्य में कृषि विपणन (Agricultural Marketing) व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने वर्ष 2006 में ही 'बिहार कृषि उपज बाजार समिति अधिनियम' को समाप्त करते हुए कृषि उत्पन्न बाजार समितियों (APMC Mandis) की व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था और इसके स्थान पर निजी निवेश आधारित बाजार प्रांगणों को अनिवार्य रूप से स्थापित किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत महान्यायवादी (Attorney General for India) तथा संसद (लोकसभा और राज्य सभा) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार महान्यायवादी भारत का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों की बैठकों में भाग लेने, बोलने और उसकी किसी समिति में नामिनित होने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
2. संविधान के अनुच्छेद 85 के अनुसार राष्ट्रपति समय-समय पर संसद के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर सत्र के लिए आहूत करता है कि एक सत्र की अंतिम बैठक और आगामी सत्र की प्रथम बैठक के बीच छह मास से अधिक का अंतर न हो, तथा लोकसभा को विघटित करने की शक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति में निहित होती है।
3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जो कभी विघटित नहीं होता है, और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, तथा इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, और उपराष्ट्रपति इसका पदेन सभापति होता है जो सदन का सदस्य न होते हुए भी इसके मतदान में निर्णायक मत (Casting Vote) देने का अधिकार रखता है।
4. संविधान के अनुच्छेद 105 के अंतर्गत संसद के सदस्यों को मिलने वाले विशेषाधिकारों के समान ही भारत के महान्यायवादी को भी संसद या उसकी किसी समिति में कही गई किसी बात या दिए गए मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में कोई विधिक कार्यवाही से उन्मुक्ति प्राप्त होती है, और उसे संसद सदस्यों के समान ही सभी भत्ते और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
1757 से 1857 के मध्य ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध भारत में हुए 'अन्य जन आंदोलन' (जैसे संन्यासी विद्रोह, पागलপন্থী विद्रोह, फराजी आंदोलन और कोल विद्रोह) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मजनू शाह और देवी चौधराणी के नेतृत्व में हुआ 'संन्यासी विद्रोह' (1763-1800) मुख्य रूप से बंगाल में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा धार्मिक यात्राओं पर कर लगाने और पारंपरिक भूमि अधिकारों को छीनने के विरुद्ध एक सशस्त्र संघर्ष था, जिसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में अमर कर दिया।
2. करम शाह और टीपूस मीर के नेतृत्व में संचालित 'पागलपंथी विद्रोह' मुख्य रूप से एक अर्द्ध-धार्मिक संप्रदाय द्वारा उत्तरी बंगाल के शेरपुर क्षेत्र में जमींदारों और अंग्रेजों द्वारा किसानों पर किए जा रहे भारी कर उत्पीड़न तथा शोषण के खिलाफ चलाया गया था।
3. हाजी शरियतल्लाह और उनके पुत्र डूदा मियाँ द्वारा बंगाल में शुरू किया गया 'फराजी आंदोलन' इस्लाम के सुधारवादी सिद्धांतों पर आधारित था, लेकिन इसने शीघ्र ही अंग्रेजों और हिंदू जमींदारों के आर्थिक एवं सामाजिक शोषण के विरुद्ध एक जुझारू किसान आंदोलन का रूप ले लिया था।
4. वर्ष 1831-32 में बुद्धू भगत के नेतृत्व में छोटानागपुर क्षेत्र में हुआ 'कोल विद्रोह' गैर-आदिवासियों (दिकुओं) द्वारा आदिवासियों की जमीनों पर अवैध कब्जा करने, साहूकारों द्वारा अत्यधिक ब्याज वसूलने और ब्रिटिश न्याय प्रणाली व कर नीतियों के कारण उत्पन्न असंतोष का परिणाम था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के अंतर्गत 'सोलह महाजनपद' (Shodasa Mahajanapadas) और उनके राजनीतिक स्वरूप, भौगोलिक अवस्थिति तथा राजधानियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो अपने व्यापारिक मार्गों के लिए प्रसिद्ध थी, तथा इसका उल्लेख महाभारत और जैन ग्रंथों में भी मिलता है।
2. वज्जी संघ (Vajjika League) कई कुलों का एक संघ था जिसमें 'लिच्छवी' सबसे प्रमुख था, और इसकी राजधानी वैशाली थी, जहाँ प्राचीन विश्व के गणतंत्रात्मक शासन प्रणाली के साक्ष्य मिलते हैं।
3. गोदावरी नदी के तट पर स्थित 'अमक' (Assaka) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो विंध्य पर्वत के दक्षिण में स्थित था, और इसकी राजधानी पोटली या पोतन थी।
4. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी, जो नर्मदा नदी के तट पर स्थित थी, और इसके प्रसिद्ध शासक उदयन थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.