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BPSC TRE 4.0
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12वें जैन तीर्थंकर वासुपूज्य का जन्मस्थान कहाँ स्थित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
12वें जैन तीर्थंकर वासुपूज्य का जन्मस्थान चम्पापुरी (भागलपुर) है।
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कुमारिल भट्ट निम्न में किसके आचार्य थे?
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बिहार के खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के कैमूर और रोहतास जिलों में विंध्यन क्रम की चट्टानों में उच्च कोटि के चूना पत्थर के प्रचुर भंडार पाए जाते हैं, जो राज्य के सीमेंट उद्योगों (जैसे डालमियानगर) का मुख्य आधार हैं।
2. जमुई जिले के झाझा और चरका पत्थर क्षेत्र में देश के कुल स्वर्ण (सोना) भंडारे का लगभग 44% हिस्सा होने का अनुमान भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा व्यक्त किया गया है।
3. बरौनी (बेगूसराय) में स्थित ताप विद्युत गृह (Thermal Power Station) को कोयला मुख्य रूप से झारखंड के झरिया और बोकारो कोयला क्षेत्रों से रेल मार्ग द्वारा आपूर्ति किया जाता है।
4. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (NTPC) पूरी तरह से जल विद्युत (Hydroelectric) ऊर्जा पर आधारित परियोजना है, जिसमें सोन नदी के जल का उपयोग टर्बाइन चलाने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पादप आकारिकी (Plant Morphology) और पौधों में जनन (Plant Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूसला जड़ (Taproot) तंत्र के रूपांतरण के कारण शलजम (Turnip), चुकंदर (Beetroot) और गाजर (Carrot) भोजन संग्रह करने के लिए मांसल और फूल जाती हैं, जबकि आलू, अदरक और अरबी कंद, प्रकंद व घनकंद के रूप में तने के रूपांतरण के विशिष्ट उदाहरण हैं।
2. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों के पुष्प में नर जनन अंग को पुंकेसर (Stamen) तथा मादा जनन अंग को जायांग (Pistil या Carpel) कहा जाता है, जिसमें परागकणों का परागकोष से वर्तिकाग्र (Stigma) तक स्थानांतरण परागण (Pollination) कहलाता है, और यह केवल कीटों व हवा के माध्यम से ही संभव है।
3. आवृतबीजी पौधों में 'दोहरा निषेचन' (Double Fertilization) एक अद्वितीय विशेषता है, जिसमें एक नर युग्म अंडे की कोशिका से संलयित होकर द्विगुणित युग्मकोद्भिद (Zygote) का निर्माण करता है और दूसरा नर युग्म द्विगुणित द्वितीयक केंद्रक से संलयित होकर त्रिगुणित भ्रूणपोष (Triploid Endosperm) बनाता है।
4. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) और टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है, क्योंकि इन पौधों को अपने लैंगिक जनन चक्र को सफलतापूर्वक पूरा करने और निषेचन के समय जल माध्यम की अनिवार्य आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) और रुधिर वर्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव हृदय में दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) पाया जाता है, जिसके अंतर्गत अशुद्ध रक्त महाशिराओं से होते हुए दाएं आलिंद से दाएं निलय में जाता है और फुफ्फुस धमनी (Pulmonary Artery) द्वारा शुद्धिकरण के लिए फेफड़ों में भेजा जाता है, जबकि शुद्ध रक्त फुफ्फुस शिरा (Pulmonary Vein) से बाएं आलिंद और बाएं निलय से होते हुए महाधमनी के माध्यम से पूरे शरीर में पंप होता है।
2. रक्त समूह 'O' को 'सर्वग्राही' (Universal Recipient) कहा जाता है क्योंकि इस रुधिर वर्ग के व्यक्तियों की लाल रक्त कणिकाओं (RBC) की सतह पर 'A' और 'B' दोनों प्रकार के एंटीजन पाए जाते हैं, तथा इनके रक्त प्लाज्मा में कोई भी एंटीबॉडी (एग्लुटिनिन) उपस्थित नहीं होती है।
3. रुधिर वर्ग 'AB' वाले व्यक्ति के रक्त प्लाज्मा में एंटी-ए (Anti-A) और एंटी-बी (Anti-B) दोनों एंटीबॉडी अनुपस्थित होती हैं, जिसके कारण यह वर्ग किसी भी अन्य रुधिर वर्ग से रक्त प्राप्त कर सकता है, इसलिए इसे 'सर्वदाता' (Universal Donor) कहा जाता है।
4. आरएच कारक (Rh Factor), जिसकी खोज कार्ल लैंडस्टीनर और विनर ने रीसस बंदर में की थी, एक प्रकार का एंटीजन है; यदि Rh-धनात्मक रक्त का आधान Rh-ऋणात्मक व्यक्ति को कर दिया जाए, तो पहली बार में प्रतिरक्षी (Antibodies) के निर्माण के कारण 'इरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस' (Erythroblastosis Fetalis) जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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"मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" यह नारा किसने दिया था?
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