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Child Development
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प्याजे के संज्ञानात्मक सिद्धान्त के अनुसार, विकास की दूसरी अवस्था क्या है?

Detailed Explanation

प्याजे के अनुसार दूसरी अवस्था पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था है।
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→ अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), इवान पावलव का 'शास्त्रीय अनुबंधन' तथा बी.एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रूत अनुबंधन' सिद्धांत का तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि थार्नडाइक के नियमों में 'तتपरता' को स्नायु विकीर्णन (Conduction Unit) की परिपक्वता से जोड़ा जाए और पावलव व स्किनर के अनुबंधन मॉडलों से इसकी तुलना की जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक है? → अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत के संदर्भ में, 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs या D-needs) और 'विकास की आवश्यकताएं' (Growth Needs या B-needs) के मध्य के तात्विक एवं कार्यात्मक अंतरों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों श्रेणियों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → हार्मिक का सिद्धांत (Hormic Theory) किसने दिया? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level) के प्रथम चरण यानी 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation / Stage 3) का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सी मनोवैज्ञानिक विशेषता इस अवस्था को अन्य सभी अवस्थाओं से पृथक करती है? → बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के बीच के बुनियादी अंतरों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं के बीच के वैज्ञानिक संबंधों को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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