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SHE-LEAPS Platform किसके लिए विकसित किया गया है?

Detailed Explanation

SHE-LEAPS प्लेटफॉर्म विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने और उनके व्यवसाय को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए विकसित किया गया है।
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Related Questions

→ भारतीय पर्यावरण कानून और 'केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (CPCB) के गठन, क्षेत्राधिकार एवं कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की स्थापना जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अंतर्गत एक सांविधिक (Statutory) निकाय के रूप में की गई थी, जिसे बाद में वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत भी शक्तियाँ और कार्य सौंपे गए। 2. CPCB देश में राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (National Ambient Air Quality Standards - NAAQS) को अधिसूचित करने और जल निकायों की गुणवत्ता के मानदंडों को निर्धारित करने के लिए वैधानिक रूप से अधिकृत है, और यह केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को पर्यावरण से जुड़े मामलों पर तकनीकी सलाह भी देता है। 3. जल अधिनियम, 1974 के अंतर्गत CPCB के पास यह पूर्ण और अंतिम शक्ति है कि वह देश के किसी भी राज्य में स्थित औद्योगिक इकाइयों को बिना किसी पूर्व चेतावनी या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) के परामर्श के सीधे तौर पर बंद करने या उनकी बिजली-पानी की आपूर्ति हमेशा के लिए काटने का प्रत्यक्ष आदेश जारी कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय धाराओं' (Ocean Currents) की उत्पत्ति, उनके संचालन को प्रभावित करने वाले कारकों और इसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महासागरीय धाराओं की दिशा मुख्य रूप से पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाले कोरिओलिस बल (Coriolis Force) द्वारा निर्धारित होती है, जिसके प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में धाराएँ अपनी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित हो जाती हैं, जबकि भूमध्य रेखा (Equator) पर कोरिओलिस बल अधिकतम होता है। 2. 'एल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) चक्र के दौरान, पश्चिमी प्रशांत महासागर में असामान्य रूप से ठंडे पानी का जमाव हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है और सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जाती है। 3. अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म महासागरीय धारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर की ओर बहते हुए पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों के जलवायु को समशीतोष्ण बनाए रखती है और सर्दियों में भी यहाँ के बंदरगाहों को बर्फ से मुक्त रखती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' (Soil Health Card - SHC) योजना और मृदा प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी किसानों को उनकी कृषि योग्य भूमि की पोषक तत्व स्थिति का मूल्यांकन करके प्रत्येक दो वर्ष में एक बार कार्ड उपलब्ध कराना है। 2. इस कार्ड के माध्यम से किसानों को उनकी मिट्टी में 12 प्रमुख मापदंडों (जिनमें मैक्रोन्यूट्रिएंट्स, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, पीएच मान, विद्युत चालकता और जैविक कार्बन शामिल हैं) की स्थिति की जानकारी दी जाती है, तथा इसके आधार पर उर्वरकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों के विवेकपूर्ण उपयोग की संस्तुति की जाती है। 3. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के द्वितीय चरण (Phase II) के अंतर्गत, सरकार ने देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के साथ-साथ 'मॉडल ग्राम' (Model Village) स्तर पर मृदा नमون संग्रह और प्रदर्शन (Demonstration) कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → 8वें 'पोषण पखवाड़ा' 2026 का आयोजन किस मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' के अंतर्गत 'मूल अधिकार' (Fundamental Rights - अनुच्छेद 12 से 35) तथा 'न्यायिक पुनर्वलोकन' से संबंधित 'अनुच्छेद 13' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 13(2) के अनुसार राज्य ऐसा कोई कानून नहीं बनाएगा जो भाग III द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को छीनता है या न्यून करता है, और इस प्रकार बनाया गया प्रत्येक कानून उल्लंघन की मात्रा तक शून्य (Void) होगा। 2. सर्वोच्च न्यायालय ने 'केशवानंद भारती वाद (1973)' में यह स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, और इसके तहत संसद द्वारा किया गया कोई भी संवैधानिक संशोधन 'अनुच्छेद 13(3) में प्रयुक्त 'विधि' (Law) शब्द के अंतर्गत शामिल होता है, जिसके कारण मूल अधिकारों को संशोधित करने वाले संशोधन अधिनियमों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। 3. सर्वोच्च न्यायालय ने 'गोलकनाथ वाद (1967)' में यह निर्णय दिया था कि संसद को मूल अधिकारों में संशोधन करने की कोई शक्ति नहीं है क्योंकि संविधान संशोधन भी अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'विधि' के दायरे में आते हैं, जिसे बाद में 24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा निष्प्रभावी कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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