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हाल ही में तीजन बाई का निधन हो गया, वह किस प्रसिद्ध लोक कला से संबंधित थीं?

Detailed Explanation

तीजन बाई प्रसिद्ध पांडवानी (Pandavani) लोक कला से संबंधित थीं, जो महाभारत की कथाओं को गाने की एक शैली है।
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→ भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, प्राचीन भारत की प्रमुख बौद्ध वास्तुकला और स्थापत्य कला (Buddhist Architecture) के अंतर्गत 'चैत्य' (Chaitya) और 'विहार' (Vihara) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राचीन बौद्ध वास्तुकला में 'चैत्य' वस्तुतः एक आयताकार प्रार्थना हॉल या पूजा गृह होता था जिसके अंत में एक स्तूप स्थित होता था, जबकि 'विहार' बौद्ध भिक्षुओं के निवास और विश्राम के लिए बनाए गए आवासीय कक्ष होते थे। 2. अधिकांश प्रारंभिक चैत्य गृहों और विहारों का निर्माण चट्टानों को काटकर (Rock-cut architecture) किया गया था, जिनमें पश्चिमी भारत की गुफाएँ (जैसे कार्ले, भजा, अजंता और एलोरा) प्रमुख उदाहरण हैं, और इनमें लकड़ी के तत्वों (Wooden facades) का अनुकरण करने की अनूठी विशेषता पाई जाती है। 3. हीनयान (Theravada) और महायान (Mahayana) दोनों ही बौद्ध परंपराओं के काल में चैत्य और विहारों की वास्तुकला में कोई परिवर्तन नहीं आया, तथा महायान काल के दौरान भी विहारों में केवल साधारण आवासीय कक्ष ही बनाए गए, जिनमें बुद्ध की मूर्तियों या पूजा स्थलों के लिए किसी भी प्रकार के गर्भगृह या कक्ष का प्रावधान नहीं किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत ने 2028 में होने वाले किस सम्मेलन की मेजबानी करने की अपनी दावेदारी वापस ले ली है? → भारतीय अर्थव्यवस्था और लोक वित्त के संदर्भ में, 'राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003' और इसके संशोधनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. FRBM अधिनियम के तहत यह सांविधिक रूप से अनिवार्य किया गया था कि केंद्र सरकार वर्ष 2008-09 तक अपने राजस्व घाटे (Revenue Deficit) को समाप्त कर दे और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3% तक सीमित करे। 2. एन.के. सिंह समिति (2016-17) की सिफारिशों के आधार पर इस अधिनियम में संशोधन करके वर्ष 2020-21 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 2.5% और सरकारी ऋण (Debt-to-GDP ratio) को केंद्र के लिए 40% तक लाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 3. FRBM अधिनियम में एक 'पलायन खंड' (Escape Clause) का प्रावधान है, जिसके तहत केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध, गंभीर राष्ट्रीय आपदा या कृषि अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले गहरे संकट जैसी असाधारण परिस्थितियों में निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों से विचलन (Deviation) कर सकती है, बशर्ते राजकोषीय घाटे में विचलन एक वर्ष में कम से कम 0.5 प्रतिशत अंकों का हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संघ की न्यायपालिका' (The Union Judiciary - Supreme Court) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 124 के अंतर्गत भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा 'द्वितीय न्यायाधीश मामला (1993)' के पश्चात स्थापित 'कॉलेजियम प्रणाली' के तहत मुख्य न्यायाधीश को सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों के एक कोलेजियम की सलाह लेना अनिवार्य होता है। 2. अनुच्छेद 143 के अंतर्गत राष्ट्रपति को सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति प्राप्त है, और यदि राष्ट्रपति किसी सार्वजनिक महत्व के विधि या तथ्य के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय की राय मांगता है, तो सर्वोच्च न्यायालय उस पर अपनी राय देने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य (Bound) है। 3. अनुच्छेद 141 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित कानून भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर आबद्धकर (Binding) होता है, किंतु स्वयं सर्वोच्च न्यायालय अपने ही पूर्ववर्ती निर्णयों या आदेशों से पूरी तरह बंधा नहीं होता है और वह न्यायिक समीक्षा के तहत उन्हें उलट सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग' (NJAC) तथा न्यायपालिका की स्वतंत्रता से संबंधित 'संविधान (निन्यानवेवाँ संशोधन) अधिनियम, 2014' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान (99वाँ संशोधन) अधिनियम, 2014 के माध्यम से अनुच्छेद 124A, 124B और 124C को अंतःस्थापित किया गया था, जिसके तहत उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा स्थानांतरण की पुरानी कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त करके एक छह सदस्यीय 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग' (NJAC) की स्थापना का प्रावधान किया गया था। 2. 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015)' (जिसे चौथे न्यायाधीश मामले के रूप में जाना जाता है) में उच्चतम न्यायालय की पाँच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से NJAC अधिनियम को असंवैधानिक और शून्य घोषित कर दिया था, क्योंकि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान के 'मूल ढाँचे' (Basic Structure) का उल्लंघन करता था। 3. इस ऐतिहासिक निर्णय में उच्चतम न्यायालय ने यह भी अभिनिर्धारित किया था कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता में यह अंतर्निहित है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया में कार्यपालिका का कोई भी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, और इस प्रकार पुरानी कॉलेजियम प्रणाली को पूरी तरह से खारिज करते हुए केवल न्यायपालिका को ही न्यायाधीशों की नियुक्ति का अनन्य और अंतिम अधिकार प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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