BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
22 views

भारत की मुख्य भूमि को रामेश्वरम द्वीप से कौन-सा जलडमरूमध्य अलग करता है?

Detailed Explanation

पामन चैनल (Pamban Channel) भारत की मुख्य भूमि को रामेश्वरम द्वीप से अलग करता है।
Share:

Related Questions

→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, 'न्यायिक सक्रियता' (Judicial Activism), 'जनहित याचिका' (PIL) तथा न्यायालयों द्वारा अपनाई जाने वाली 'निरंतर mandamus' (Continuing Mandamus) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनहित याचिका (PIL) की अवधारणा ने पारंपरिक 'पीड़ित पक्ष' (Locus Standi) के नियम को लचीला बनाया, जिसके तहत अब समाज के किसी भी जिम्मेदार नागरिक या सामाजिक संगठन द्वारा गरीबों, अशिक्षितों या मौलिक अधिकारों से वंचित वर्गों की ओर से सीधे सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 32) या उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 226) में न्याय की गुहार लगाई जा सकती है। 2. 'निरंतर mandamus' (Continuing Mandamus) की न्यायिक युक्ति के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय पर्यावरण प्रदूषण, बंधुआ मजदूरी या मानवाधिकारों के हनन जैसे मामलों में केवल एक बार फैसला सुनाकर अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं करता, बल्कि मामले की जटिलता और प्रशासनिक सुस्ती को देखते हुए कार्यकारी एजेंसियों को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देता है और मामले की सुनवाई तब तक जारी रखता है जब तक पूर्ण न्याय सुनिश्चित नहीं हो जाता। 3. 'विनीत नारायण बनाम भारत संघ (1998)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि यद्यपि न्यायालयों को कार्यकारी कार्यों में हस्तक्षेप करने का व्यापक अधिकार प्राप्त है, किंतु 'निरंतर mandamus' जैसी पद्धतियों का उपयोग केवल नीतिगत मामलों और विधायी कानून निर्माण के क्षेत्रों में किया जा सकता है, तथा प्रशासनिक जाँच एजेंसियों (जैसे CBI) के दैनिक कामकाज की निगरानी के लिए इसका प्रयोग पूरी तरह से असंवैधानिक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और इसके क्षेत्राधिकार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना वर्ष 2010 में 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010' के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रभावी और तीव्र प्रवर्तन के लिए की गई थी, और यह भारत का ऐसा पहला विशेष न्यायिक निकाय है जो पर्यावरण संबंधी मामलों के लिए सामान्य न्यायालयों की प्रक्रियात्मक संहिताओं (जैसे सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908) से पूरी तरह बाध्य नहीं है। 2. इस अधिकरण के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत 'वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980' और 'पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986' जैसे प्रमुख कानून शामिल हैं, किंतु 'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972' और 'अनुसूचित जातियों और अन्य पारंपरिक वन जातियों (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006' (Forest Rights Act) को इसके विधायी क्षेत्राधिकार से बाहर रखा गया है। 3. NGT के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह किसी भी पर्यावरण संबंधी आवेदन या अपील की प्राप्ति की तारीख से अधिकतम 6 महीने की अवधि के भीतर अपने अंतिम निर्णय या आदेश का निपटारा करे, तथा इसके निर्णयों के विरुद्ध अपील सीधे सर्वोच्च न्यायालय में ही की जा सकती है, जिसके लिए उच्च न्यायालयों का क्षेत्राधिकार वर्जित किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → किस शासक ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था? → कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के संस्थापक नेताओं में से एक कौन थे? → संविधान का कौन सा अनुच्छेद स्वतंत्रता के अधिकार (जैसे भाषण की स्वतंत्रता) से संबंधित है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.