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विषुवत वृत्त से ध्रुवों की ओर जाने पर अक्षांशों का आकार कैसा होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विषुवत वृत्त से ध्रुवों की ओर जाने पर अक्षांश रेखाओं (वृत्तों) का आकार लगातार घटता जाता है.
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एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला टीम ने कुल कितने स्वर्ण पदक जीते हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) की उद्घोषणा, इसकी संसदीय स्वीकृति और 'एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' मामले में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति द्वारा जारी की गई राष्ट्रपति शासन की प्रत्येक उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाना अनिवार्य है, और यदि यह उद्घोषणा लोकसभा के विघटन के दौरान जारी की जाती है, तो इसे लोकसभा के पुनर्गठन के पश्चात अपनी पहली बैठक से 'तीस दिन' की अवधि के भीतर दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है, अन्यथा यह अवधि समाप्त होने पर स्वतः निष्प्रभावी हो जाएगी।
2. 'एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय की नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूर्णतः बाहर है, क्योंकि यह भारत के राष्ट्रपति का एक संप्रभु और विशुद्ध रूप से राजनीतिक निर्णय है जिसमें न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
3. अनुच्छेद 356 के अंतर्गत यदि संसद के दोनों सदन इस उद्घोषणा का अनुमोदन कर देते हैं, तो यह राष्ट्रपति शासन अधिकतम 'तीन वर्ष' की कुल अवधि तक लागू रह सकता है, किंतु इस अवधि को तीन वर्ष से आगे बढ़ाने के लिए यह संवैधानिक शर्त है कि पूरे देश में या संबंधित राज्य में 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) लागू होना चाहिए तथा निर्वाचन आयोग द्वारा यह प्रमाणित किया जाना चाहिए कि राज्य में वर्तमान परिस्थितियों के कारण चुनाव कराना असंभव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) की उद्घोषणा और उसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से 'दो महीने' के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
2. एक बार संसद द्वारा अनुमोदित होने के बाद, राष्ट्रपति शासन अधिकतम 'तीन वर्ष' की अवधि तक चल सकता है, बशर्ते कि प्रत्येक छह महीने पर इसे संसद द्वारा पुनः अनुमोदित कराया जाए, और इसके साथ ही यह भी आवश्यक है कि इस अवधि के दौरान पूरे देश में या संबंधित राज्य में राष्ट्रीय आपातकाल लागू रहना अनिवार्य हो अन्यथा यह एक वर्ष से अधिक नहीं चल सकता।
3. राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राज्य विधानसभा को या तो विघटित कर दिया जाता है या निलंबित रखा जाता है, और राज्य के उच्च न्यायालय (High Court) की संवैधानिक शक्तियों और क्षेत्राधिकार पर भी राष्ट्रपति द्वारा प्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित कर लिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकार' (National Biodiversity Authority - NBA) और 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (Biodiversity Management Committees - BMCs) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकार (NBA) की स्थापना 'जैविक विविधता अधिनियम, 2002' के अंतर्गत चेन्नई, तमिलनाडु में मुख्यालय के साथ एक सांविधिक (Statutory) और स्वायत्त निकाय के रूप में की गई है, जो देश के जैविक संसाधनों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग को विनियमित करता है।
2. जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत देश के सभी स्थानीय निकायों (चाहे वे ग्रामीण हों या शहरी) द्वारा अपने स्तर पर अनिवार्य रूप से 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (BMCs) का गठन किया जाना चाहिए, जिनका मुख्य कार्य स्थानीय स्तर पर 'लोग जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करना है।
3. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकार (NBA) को जैव विविधता से संबंधित मामलों में भारत के भीतर किसी भी व्यक्ति या संस्था को निर्देश जारी करने, पूछताछ करने और दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए दीवानी न्यायालय (Civil Court) की सभी शक्तियां प्राप्त हैं, और इसके सदस्यों की नियुक्ति सीधे तौर पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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असहयोग आंदोलन (1920) के कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे 1920 में शुरू किया गया, 2. चौरी-चौरा घटना के बाद वापस लिया गया, 3. उद्देश्य ब्रिटिश संस्थानों का बहिष्कार था। सही विकल्प चुनें?
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