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Civil services
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थिमैटिक मानचित्र में किसे शामिल किया जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थिमैटिक मानचित्र विशेष जानकारी प्रदान करते हैं जैसे सड़क, वर्षा, वन और उद्योग।
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भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'उच्चतम न्यायालय के परामर्शदात्री अधिकारक्षेत्र' (Advisory Jurisdiction - Article 143) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि यदि उन्हें यह प्रतीत होता है कि विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उत्पन्न हुआ है या उत्पन्न होने की संभावना है, जो लोक महत्व का है, तो वे उस प्रश्न को विचार के लिए उच्चतम न्यायालय के पास भेज सकते हैं और न्यायालय ऐसी किसी भी संदर्भिका (Reference) पर राष्ट्रपति को अपनी राय देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
2. उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 143 के अंतर्गत दी गई परामर्शदात्री राय न तो एक न्यायिक निर्णय होती है और न ही यह राष्ट्रपति या सरकार पर बाध्यकारी होती है, तथा न ही यह देश के अन्य अधीनस्थ न्यायालयों के लिए एक पूर्व दृष्टांत (Precedent) के रूप में प्रवर्तनीय होती है।
3. यदि कोई मामला संविधान लागू होने से पूर्व की किसी संधि, समझौते, प्रसंविदा या अन्य इसी प्रकार के दस्तावेजों से उत्पन्न विवाद से संबंधित है, तो ऐसे मामलों में उच्चतम न्यायालय के लिए राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए परामर्श पर अपनी राय देना अनिवार्य (Compulsory) कर दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के विभाजन के समय ब्रिटिश प्रधानमंत्री कौन थे?
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) और इसके क्षेत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय से संपर्क करने का एक मौलिक अधिकार प्रदान करता है, और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने इसे 'संविधान की आत्मा और हृदय' की संज्ञा दी थी।
2. सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता केवल 'मूल अधिकारों' (Fundamental Rights) के उल्लंघन के मामलों तक ही सीमित है, जबकि उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 के तहत मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार (Legal Right) के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है।
3. संसद को विधि द्वारा किसी अन्य न्यायालय (उच्च न्यायालयों को छोड़कर) को सर्वोच्च न्यायालय की सभी या किसी भी रिट अधिकारिता का स्थानीय सीमाओं के भीतर प्रयोग करने के लिए सशक्त करने का अनन्य अधिकार प्राप्त है, और यह शक्ति सर्वोच्च न्यायालय की रिट शक्तियों को कम करने के लिए भी प्रयोग की जा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 312' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services) के गठन, शक्तियों और राज्यसभा की विशेष शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद कानून द्वारा भारतीय न्यायिक सेवा (All India Judicial Service) सहित नई अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन का प्रावधान कर सकती है।
2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और उनका सेवा-प्रबंधन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है, किंतु उनका नियंत्रण और अनुशासनात्मक अधिकार केवल उस राज्य सरकार के पास होता है जहाँ वे वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे होते हैं, और केंद्र सरकार किसी भी स्थिति में उनके विरुद्ध सीधा अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं कर सकती है।
3. अनुच्छेद 312 के तहत सृجित की जाने वाली किसी भी अखिल भारतीय सेवा के संबंध में संसद द्वारा बनाया गया कानून संविधान के अनुच्छेद 311 द्वारा प्रदत्त सिविल सेवकों के संरक्षण और सुरक्षा के प्रावधानों को पूरी तरह से निरस्त या समाप्त कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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