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सुमेलित कीजिए: अनुच्छेद 52-भारत का राष्ट्रपति, 53-संघ की कार्यपालिका शक्ति, 54-राष्ट्रपति का निर्वाचन, 55-निर्वाचन की रीति।
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सभी अनुच्छेद सही सुमेलित हैं।
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सामान्य विज्ञान और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'नाइट्रोजन चक्र' (Nitrogen Cycle) और उससे जुड़ी जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) के दौरान वायुमंडलीय नाइट्रोजन ($N_2$) को सीधे पौधों द्वारा उपभोग करने योग्य नाइट्रेट ($NO_3^-$) में परिवर्तित किया जाता है, और यह प्रक्रिया केवल राइजोबियम (Rhizobium) जैसे सहजीवी जीवाणुओं द्वारा ही संपन्न की जा सकती है।
2. नाइट्रीकरण (Nitrification) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अमोनिया ($NH_3$) या अमोनियम आयनों ($NH_4^+$) को पहले नाइट्राइट ($NO_2^-$) और तत्पश्चात नाइट्रेट ($NO_3^-$) में बदला जाता है, जिसे नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर जैसे रसायनसंलेषी (Chemoautotrophic) बैक्टीरिया द्वारा अंजाम दिया जाता है।
3. विनाइट्रीकरण (Denitrification) के दौरान मृदा में मौजूद नाइट्रेट को स्यूडोमोनास (Pseudomonas) जैसे विनाइट्रीकारी जीवाणुओं द्वारा वापस नाइट्रोजन गैस ($N_2$) में अपचयित (Reduce) कर दिया जाता है, जिससे यह गैस पुनः वायुमंडल में लौट जाती है और चक्र पूरा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में नागरिक सीधे कहाँ जा सकते हैं?
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किस कानून को 'बिना वकील, बिना दलील, बिना अपील' वाला 'काला कानून' कहा गया था?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 76' के अंतर्गत 'भारत के महान्यायवादी' (Attorney General for India) के पद, अधिकारों और उसकी योग्यताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और उसके पास ऐसी योग्यता होनी चाहिए जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए आवश्यक होती है, तथा संविधान में महान्यायवादी के लिए कोई निश्चित कार्यकाल तय नहीं किया गया है।
2. भारत के महान्यायवादी को देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, और उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने तथा भाग लेने का अधिकार तो होता है, किंतु उसे संसद की किसी भी समिति की कार्यवाही में मतदान करने का कोई अधिकार नहीं होता है।
3. महान्यायवादी एक पूर्णकालिक सरकारी अधिकारी (Full-time government official) होता है और वह भारत सरकार के सेवक के रूप में कार्य करता है, जिसके कारण वह अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी निजी विधि-व्यवसाय (Private legal practice) या किसी अन्य आपराधिक मामले में बचाव पक्ष की वकालत नहीं कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' (Article 32) के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की 'रिट अधिकारिता' और 'लोकहित याचिका' (PIL - Public Interest Litigation) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लोकहित याचिका (PIL) की अवधारणा को भारतीय न्यायशास्त्र में पारंपरिक 'लॉन्ग स्टैंडी' (Locus Standi - यानी केवल पीड़ित व्यक्ति द्वारा ही अदालत जाने का अधिकार) के नियम को शिथिल करके विकसित किया गया है, जिसके तहत कोई भी सार्वजनिक हितैषी व्यक्ति या संस्था समाज के उपेक्षित या पीड़ित वर्गों की ओर से अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है।
2. अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय किसी भी लोकहित याचिका पर सुनवाई करने से यह कहकर मना कर सकता है कि याचिकाकर्ता स्वयं उस मामले से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित (Directly Affected) नहीं है।
3. 'एस.पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981)' के ऐतिहासिक मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या सामाजिक संगठन किसी जनहित के मुद्दे पर पत्र या टेलीग्राम के माध्यम से भी अदालत को सूचित करता है, तो न्यायालय उसे एक रिट याचिका के रूप में स्वीकार कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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