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सुमेलित कीजिए: A-2 (अढ़ाई दिन का झोपड़ा-अजमेर), B-4 (इब्राहिम रौजा-इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय), C-3 (अताला मस्जिद-जौनपुर), D-1 (गोल गुम्बद-बीजापुर)।
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सभी विकल्प स्थान या निर्माता के अनुसार सही सुमेलित हैं।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'प्रशासनिक संबंधों' (Administrative Relations - अनुच्छेद 256 से 263) तथा केंद्र-राज्य वित्तीय व प्रशासनिक शक्तियों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 256 के अनुसार प्रत्येक राज्य की कार्यकारी शक्ति का प्रयोग इस प्रकार किया जाएगा जिससे संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके, और संघ की कार्यकारी शक्ति राज्य को ऐसे निर्देश देने तक विस्तारित होती है जो इस प्रयोजन के लिए आवश्यक प्रतीत हों।
2. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को 'अंतर-राज्य परिषद' (Inter-State Council) की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और इस परिषद का मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना, उन पर बहस करना तथा ऐसे विषयों पर संस्तुति करना है जिनमें राज्यों के साझा हित हों।
3. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार दो या अधिक राज्यों के लिए एक संयुक्त लोक सेवा आयोग (Joint State Public Service Commission) का गठन संसद द्वारा किया जा सकता है, बशर्ते संबंधित राज्यों के विधानमंडल इस आशय के संकल्प पारित कर दें, और इस संयुक्त आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 20' के अंतर्गत अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण (Protection in respect of conviction for offences) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 20(1) किसी भी व्यक्ति को 'पूर्वजिम्मेदार कानून' (Ex-post facto law) से संरक्षण प्रदान करता है, जिसके तहत किसी अपराध के लिए किसी व्यक्ति को ऐसे कानून के उल्लंघन के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता जो उस कार्य के किए जाने के समय लागू नहीं था, और न ही उस अपराध के लिए उस कानून द्वारा तय किए गए दंड से अधिक सजा दी जा सकती है, तथा यह सुरक्षा केवल आपराधिक विधियों पर लागू होती है, दीवानी (Civil) या कर (Tax) विधियों पर नहीं।
2. अनुच्छेद 20(2) के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार अभियोजित और दंडित नहीं किया जा सकता है, जिसे 'दोहरे खतरे' (Double Jeopardy) से संरक्षण कहा जाता है, और यह गारंटी केवल न्यायालयों या न्यायिक अधिकरणों (Judicial Tribunals) कीवाहनों में दी जाने वाली कार्रवाइयों पर लागू होती है, न कि विभागीय या प्रशासनिक प्राधिकरणों द्वारा की गई आंतरिक अनुशासनिक कार्रवाइयों पर।
3. अनुच्छेद 20(3) के तहत किसी भी अपराध के लिए अभियुक्त किसी भी व्यक्ति को स्वयं अपने विरुद्ध साक्ष्य देने के लिए बाध्य (Self-incrimination) नहीं किया जा सकता है, तथा इस मौलिक अधिकार के दायरे में पुलिस हिरासत के दौरान किसी अभियुक्त के शारीरिक नमूने (जैसे- रक्त, अंगूठे के निशान, लार आदि) एकत्र करना भी शामिल है, जिससे इस अधिकार का उल्लंघन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ की कार्यपालिका - राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन तथा महाभियोग की प्रक्रिया) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति के निर्वाचकगण (Electoral College) में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं, और इसके साथ ही दिल्ली और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को भी 70वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा इस निर्वाचकगण में शामिल किया गया था।
2. राष्ट्रपति के चुनाव में उत्पन्न होने वाले सभी शंकाओं और विवादों की जाँच और उनका विनिश्चय केवल और केवल भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है, और निर्वाचन आयोग का यह निर्णय अंतिम होता है जिसे किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति पर 'संविधान के अतिक्रमण' के आधार पर केवल संसद के किसी भी सदन में महाभियोग का आरोप लगाया जा सकता है, बशर्ते कि ऐसा आरोप लगाने वाला संकल्प उस सदन की कुल सदस्य संख्या के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित किया गया हो, और इस प्रक्रिया में संसद के मनोनीत (Nominated) सदस्य भी मतदान में भाग लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 110' के अंतर्गत 'धन विधेयक' (Money Bill) की परिभाषा और इसके पारित होने की प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विधेयक को धन विधेयक केवल तभी माना जाएगा जब उसमें केवल ऐसे प्रावधान शामिल हों जो कर लगाने, उधार लेने, भारत की संचित निधि या लोक लेखा से धन निकालने या जमा करने से संबंधित हों, तथा यदि उसमें कोई अन्य अनुषंगी (Incidental) मामला भी शामिल है, तो वह धन विधेयक नहीं रहेगा।
2. लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) का यह निर्णय अंतिम होता है कि कोई विधेयक 'धन विधेयक' है या नहीं, और उनके इस निर्णय को किसी भी न्यायालय में, संसद के किसी भी सदन में या राष्ट्रपति के समक्ष चुनौती दी जा सकती है यदि यह प्रक्रियात्मक नियमों के विरुद्ध हो।
3. धन विधेयक को केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित (Introduce) किया जा सकता है, और इसे प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफ़ारिश (Prior Recommendation) आवश्यक होती है; वहीं राज्यसभा के पास इस विधेयक को अस्वीकार करने या इसमें संशोधन करने की शक्ति नहीं होती, वह इसे अधिकतम 14 दिनों की अवधि के लिए ही रोक सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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शिमला सम्मेलन किस योजना को क्रियान्वित करने के लिए बुलाया गया था?
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