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संविधान सभा के संबंध में कथनों पर विचार करें:
- 1. पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई,
- 2. अस्थायी अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा थे,
- 3. स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे।
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Detailed Explanation
तीनों कथन संविधान सभा के संदर्भ में पूरी तरह सही हैं।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 161' के अंतर्गत राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति (Pardoning Power) तथा इसके न्यायिक अर्थघटन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल को किसी ऐसे विषय से संबंधित विधि के विरुद्ध किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति के दंड को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है जिस विषय तक राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है।
2. राज्यपाल के पास 'मृत्युदंड' (Death Sentence) के मामलों में उसे पूर्ण रूप से क्षमा (Pardon) करने की संवैधानिक शक्ति प्राप्त नहीं है, भले ही संबंधित राज्य के कानून में मृत्युदंड का प्रावधान क्यों न हो, क्योंकि यह शक्ति अनन्य रूप से भारत के राष्ट्रपति के पास निहित है।
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न निर्णयों में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्यपाल द्वारा क्षमादान की शक्ति का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह के अधीन होता है, किंतु यदि राज्य सरकार की मंत्रिपरिषद ऐसी किसी शक्ति के प्रयोग की सलाह नहीं देती है, तो राज्यपाल अपने स्वविवेक से अकेले ही संपूर्ण क्षमादान दे सकते हैं, जिसकी न्यायिक समीक्षा किसी भी न्यायालय में नहीं की जा सकती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) तथा 'जैव विविधता अधिनियम, 2002' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) का गठन 'जैव विविधता अधिनियम, 2002' के प्रावधानों के तहत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक सांविधिक (Statutory) और स्वायत्त निकाय के रूप में किया गया है, जिसका मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
2. यह प्राधिकरण भारत के जैविक संसाधनों के संरक्षण, उनके संधारणीय उपयोग (Sustainable use) और जैव विविधता से प्राप्त होने वाले लाभों के निष्पक्ष एवं न्यायसंगत बंटवारे से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देता है, तथा विदेशी नागरिकों, कंपनियों या अनिवासी भारतीयों (NRIs) द्वारा देश के जैविक संसाधनों या उससे जुड़े पारंपरिक ज्ञान तक पहुँच (Access) प्राप्त करने के लिए NBA की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
3. 'जैव विविधता अधिनियम, 2002' के त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे के तहत राष्ट्रीय स्तर पर NBA, राज्य स्तर पर राज्य जैव विविधता बोर्डों (SBBs) तथा स्थानीय स्तर पर प्रत्येक गाँव या शहरी निकाय स्तर पर 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (Biodiversity Management Committees - BMCs) का गठन अनिवार्य किया गया है, जिनका मुख्य कार्य उनके स्थानीय क्षेत्र के जैविक संसाधनों और उससे संबंधित पारंपरिक ज्ञान के अभिलेखन के लिए 'जन जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के संदर्भ में, भारत में जलवायु परिवर्तन, कार्बन बाज़ार और उससे जुड़ी पहलों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत सरकार द्वारा स्थापित 'कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना' (Carbon Credit Trading Scheme - CCTS) के अंतर्गत, देश में घरेलू कार्बन बाज़ार को विनियमित करने का सांविधिक उत्तरदायित्व भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को सौंपा गया है, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन तीव्रता को कम करने के लिए प्रमाणित कार्बन क्रेडिट के व्यापार का अधीक्षण करता है।
2. 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' (National Green Hydrogen Mission) के तहत भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 मिलियन मैट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता का विकास करना है, जिसके साथ ही लगभग 125 गीगावाट (GW) की संबंद्ध अक्षय ऊर्जा क्षमता का विस्तार भी शामिल है।
3. ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के माध्यम से केंद्र सरकार या उसके द्वारा अधिकृत एजेंसी को यह शक्ति प्रदान की गई है कि वह भारत में पंजीकृत संस्थाओं और उद्योगों को कार्बन क्रेडिट प्रमाण पत्र जारी कर सके तथा ऊर्जा के गैर-जीवाश्म स्रोतों के उपयोग के लिए न्यूनतम हिस्सेदारी के मानदंड निर्धारित कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'ओजोन परत क्षरण' (Ozone Layer Depletion), 'मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल' (Montreal Protocol) और उससे जुड़े संशोधनों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संधि है जिसे ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों (ODSs) जैसे कि क्लोरोफ्लुओरोकार्बन (CFCs), हैलॉन और कार्बन टेट्राक्लोराइड के उत्पादन और खपत को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए अपनाया गया था, और यह संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सार्वभौमिक अनुसमर्थन (Universal Ratification) प्राप्त करने वाली पहली संधि है।
2. 'किगाली संशोधन' (Kigali Amendment), जिसे वर्ष 2016 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत अपनाया गया, ने हाइड्रोफ्लुओरोकार्बन (HFCs) को ओजोन क्षयकारी पदार्थों की सूची में शामिल किया और इसके तहत सभी देशों के लिए यह कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाया गया कि वे अगले तीन दशकों में HFCs के उपयोग में 80% से अधिक की कटौती करें।
3. वायुमंडल में ओजोन का क्षरण मुख्य रूप से समताप मंडल (Stratosphere) में होता है, जहाँ पराबैंगनी विकिरणों के प्रभाव से क्लोरोफ्लुओरोकार्बन से मुक्त होने वाले क्लोरीन और ब्रोमीन के परमाणु उत्प्रेरक (Catalysts) के रूप में कार्य करते हैं और ओजोन के अणुओं को लगातार ऑक्सीजन में तोड़ते रहते हैं, जिससे एक ही क्लोरीन परमाणु हजारों ओजोन अणुओं को नष्ट कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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हर्षवर्धन का दरबारी कवि कौन था जिसने 'हर्षचरित' लिखी थी?
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