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विनय पिटक का मुख्य विषय क्या है?

Detailed Explanation

विनय पिटक में संघ में रहने वाले भिक्षुओं और भिक्षुणियों के लिए आचार-संहिता और अनुशासन के नियम दिए गए हैं।
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→ सामान्य विज्ञान और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'नाइट्रोजन चक्र' (Nitrogen Cycle) और उससे जुड़ी जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) के दौरान वायुमंडलीय नाइट्रोजन ($N_2$) को सीधे पौधों द्वारा उपभोग करने योग्य नाइट्रेट ($NO_3^-$) में परिवर्तित किया जाता है, और यह प्रक्रिया केवल राइजोबियम (Rhizobium) जैसे सहजीवी जीवाणुओं द्वारा ही संपन्न की जा सकती है। 2. नाइट्रीकरण (Nitrification) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अमोनिया ($NH_3$) या अमोनियम आयनों ($NH_4^+$) को पहले नाइट्राइट ($NO_2^-$) और तत्पश्चात नाइट्रेट ($NO_3^-$) में बदला जाता है, जिसे नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर जैसे रसायनसंलेषी (Chemoautotrophic) बैक्टीरिया द्वारा अंजाम दिया जाता है। 3. विनाइट्रीकरण (Denitrification) के दौरान मृदा में मौजूद नाइट्रेट को स्यूडोमोनास (Pseudomonas) जैसे विनाइट्रीकारी जीवाणुओं द्वारा वापस नाइट्रोजन गैस ($N_2$) में अपचयित (Reduce) कर दिया जाता है, जिससे यह गैस पुनः वायुमंडल में लौट जाती है और चक्र पूरा होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन (President's Rule) के प्रावधानों तथा इससे संबंधित ऐतिहासिक न्यायिक निर्णयों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार, यदि राष्ट्रपति को किसी राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट पर या अन्यथा यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें उस राज्य का शासन इस संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति उद्घोषणा द्वारा राज्य सरकार के कृत्यों को अपने हाथ में ले सकता है। 2. 'एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय की नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह ऐतिहासिक निर्णय दिया कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायोचित (Justiciable) है, और यदि उद्घोषणा का आधार अप्रासंगिक, दुर्भावनापूर्ण या असंवैधानिक पाया जाता है, तो न्यायालय उस उद्घोषणा को रद्द कर सकता है और विघटित राज्य विधानसभा को बहाल भी कर सकता है। 3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि अनुच्छेद 356 के तहत जारी की गई राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी प्रारंभिक तिथि से 'दो महीने' के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, अन्यथा यह अवधि समाप्त होने पर स्वतः निष्प्रभावी हो जाएगी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपातकालीन उपबंध' (Emergency Provisions) तथा 'अनुच्छेद 359' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा के दौरान आदेश द्वारा भाग III द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन को निलंबित कर सकता है, और ऐसा आदेश संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग तक सीमित हो सकता है। 2. अनुच्छेद 359 के अंतर्गत जारी किया गया राष्ट्रपति का आदेश संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाना अनिवार्य होता है, और जब तक संसद उस आदेश को अपनी स्वीकृति नहीं देती, वह स्वतः लागू नहीं हो सकता। 3. अनुच्छेद 359 के अधीन मूल अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन होने पर संबंधित अधिकार स्वतः समाप्त या निष्प्रभावी नहीं हो जाते, बल्कि केवल न्यायालयों के माध्यम से उनके प्रवर्तन को तब तक के लिए रोक दिया जाता है जब तक आपातकाल या आदेश प्रवृत्त रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत का पहला स्वदेशी 'प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' (PFBR) कहाँ स्थित है, जिसने हाल ही में क्रिटिकैलिटी प्राप्त की है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाएँ' (All India Services) तथा 'अनुच्छेद 312' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अतिरिक्त किसी अन्य नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन का उपबंध कर सकती है। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा शर्तें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाती हैं, किंतु ये अधिकारी केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के अधीन विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएँ देते हैं, और इनका नियंत्रण तथा अनुशासनात्मक अधिकार पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है, केंद्र सरकार इन्हें सेवा से बर्खास्त नहीं कर सकती। 3. भारतीय वन सेवा (IFS) को वर्ष 1966 में अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 के अंतर्गत एक अखिल भारतीय सेवा के रूप में सृजित किया गया था, और वर्तमान में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 के तहत देश में कुल तीन अखिल भारतीय सेवाएँ (IAS, IPS और IFS) अस्तित्व में हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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