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बुद्ध के जीवनकाल में राजगृह की क्या भूमिका थी?

Detailed Explanation

राजगृह बुद्ध के प्रचार का प्रमुख केंद्र था और यहाँ उन्होंने अनेक उपदेश दिए, बाद में यहीं प्रथम संगीति हुई थी।
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→ भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, सैन्य संगठनों और राजस्व सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सल्तनत काल में 'दीवान-ए-कोही' (Diwan-i-Kohi) विभाग की स्थापना सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि का विकास करना, बंजर भूमि को उपजाऊ बनाना और किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (तकावी ऋण) प्रदान करना था। 2. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों को नकद वेतन देने की प्रथा की शुरुआत की थी और घोड़ों को दागने (दाग प्रणाली) तथा सैनिकों के हुलिया का विवरण दर्ज करने की कठोर व्यवस्था लागू की थी, ताकि भ्रष्टाचार को रोका जा सके। 3. सल्तनत काल में 'बरीद-ए-मुमालिक' (Barid-i-Mumalik) राज्य का मुख्य काजी (न्याय विभाग का प्रमुख) होता था, जो न्याय प्रशासन के साथ-साथ उलेमा वर्ग के धार्मिक मामलों का भी सर्वोच्च निरीक्षण करता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ) के अंतर्गत 'संसदीय विशेषाधिकारों' (Parliamentary Privileges) तथा उनके उल्लंघन या अवमानना के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 105 में संसद के सदनों, उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों का उल्लेख किया गया है, जिसके अनुसार संसद सदस्यों को सदन या उसकी किसी समिति में कही गई किसी भी बात या दिए गए किसी भी मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में कोई कानूनी कार्यवाही या सिविल/आपराधिक मुकदमा चलाने से पूर्ण संरक्षण प्राप्त होता है। 2. संसदीय विशेषाधिकारों के अंतर्गत संसद के प्रत्येक सदन को यह अनन्य अधिकार प्राप्त है कि वह अपने सदस्यों के साथ-साथ बाहरी व्यक्तियों को भी अपने विशेषाधिकार के हनन या सदन की अवमानना (Breach of Privilege or Contempt of the House) के लिए दंडित कर सकता है, जिसमें कारावास की सजा देना भी शामिल है। 3. चूँकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105(3) के दूसरे भाग में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित किया गया है कि जब तक संसद इन विशेषाधिकारों को संहिताबद्ध (Codify) नहीं करती है, तब तक इसके विशेषाधिकार ब्रिटेन की 'हाउस ऑफ कॉमन्स' के विशेषाधिकारों के समरूप बने रहेंगे, इसलिए वर्तमान में संसद ने एक व्यापक और पूर्ण अधिनियम पारित करके इन सभी विशेषाधिकारों को पूरी तरह संहिताबद्ध कर दिया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'हरित बांड' (Green Bonds) और उनके नियमन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हरित बांड ऐसे निश्चित आय वाले वित्तीय उपकरण (Fixed-income instruments) हैं जिनका उपयोग विशेष रूप से पर्यावरण के अनुकूल, जलवायु-लचीली और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण या पुनर्वित्तपोषण के लिए किया जाता है। 2. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने भारत में हरित ऋण पत्रों (Green Debt Securities) के निर्गम और लिस्टिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत ग्रीनवॉश (Greenwashing) से बचने के लिए जारीकर्ता को बांड की आय के उपयोग के संबंध में एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष के प्रमाणीकरण (Third-party certification) का खुलासा करना अनिवार्य होता है। 3. संप्रभु हरित बांड (Sovereign Green Bonds) जारी करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है, और इन बांडों से प्राप्त आय को भारत सरकार के समेकित निधि (Consolidated Fund of India) में जमा किया जाता है, जिसका उपयोग देश के राजकोषीय घाटे को पाटने के लिए किसी भी सरकारी कार्य में किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → आरोग्य सेतु 2.0 किस मिशन के तहत विकसित किया गया है? → भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम' (FRBM Act, 2003) तथा भारत में राजकोषीय घाटे से संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. FRBM अधिनियम, 2003 का मुख्य उद्देश्य देश में वित्तीय अनुशासन को सुनिश्चित करना, राजस्व घाटे को समाप्त करना और दीर्घकालिक समष्टि आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability) प्राप्त करना है, जिसके तहत मूल रूप से अधिनियम में यह लक्ष्य रखा गया था कि वित्तीय वर्ष 2008-09 तक राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3% तक लाया जाए। 2. वर्ष 2018 के संशोधनों के बाद, FRBM अधिनियम के तहत यह सांविधिक लक्ष्य निर्धारित किया गया कि केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष 2020-21 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 3% पर लाएगी, और साथ ही केंद्र सरकार के कुल ऋण (Debt) और सामान्य सरकार के कुल ऋण को क्रमशः GDP के 40% और 60% तक सीमित करने का लक्ष्य रखा गया। 3. FRBM अधिनियम में उल्लिखित 'एस्केप क्लॉज' (Escape Clause) के तहत केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध, राष्ट्रीय आपदा, कृषि को गंभीर नुकसान और अर्थव्यवस्था में गहरे संकट जैसी असाधारण परिस्थितियों में राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों से विचलन (Deviation) करने की अनुमति है, बशर्ते कि इस प्रकार का विचलन एक वित्तीय वर्ष में GDP के 0.5 प्रतिशत से अधिक न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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