BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
19 views

भारत ने 'लुक ईस्ट पॉलिसी' (Look East Policy) की शुरुआत कब की थी?

Detailed Explanation

भारत ने 1992 में प्रधान मंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दौरान 'लुक ईस्ट पॉलिसी' की शुरुआत की थी।
Share:

Related Questions

→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 124' और 'अनुच्छेद 217' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित 'कॉलेजियम प्रणाली' (Collegium System) और 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग' (NJAC - National Judicial Appointments Commission) अधिनियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया के लिए कॉलेजियम प्रणाली का स्पष्ट प्रावधान था, जिसे बाद में कार्यपालिका के अत्यधिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए संशोधित किया गया था। 2. 'द्वितीय न्यायाधीश मामला (1993)' में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के संदर्भ में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की 'परामर्श' (Consultation) को वास्तव में उनकी 'सहमति' (Concurrence) माना जाना चाहिए, जिससे कॉलेजियम प्रणाली की नींव पड़ी। 3. संसद द्वारा पारित 99वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम को सर्वोच्च न्यायालय ने 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015)' मामले में इस आधार पर असंवैधानिक घोषित कर दिया कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता (Independence of the Judiciary) और संविधान के 'मूल ढाँचे' (Basic Structure) का उल्लंघन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' के अंतर्गत 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' (Directive Principles of State Policy - DPSP) तथा 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code - UCC) से संबंधित 'अनुच्छेद 44' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 44 में यह उपबंध किया गया है कि राज्य, भारत के पूरे राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा, और यह मूल अधिकार (Fundamental Rights) की भांति न्यायोचित (Justiciable) होने के कारण सीधे उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय है। 2. गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ पुर्तगाली सिविल कोड, 1867 (Portuguese Civil Code) के रूप में एक समान पारिवारिक कानून वर्तमान में भी लागू है, जो धार्मिक प्राथमिकताओं के बिना अधिकांश मामलों में सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है। 3. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने कई ऐतिहासिक निर्णयों (जैसे शाह बानो केस और सरला मुद्गल केस) में इस बात पर बल दिया है कि देश में एक समान नागरिक संहिता को लागू किया जाना चाहिए, जिससे राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिले और लैंगिक न्याय सुनिश्चित हो सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → विषुव (Equinox) की स्थिति में क्या होता है? → ग्राम पंचायतों के गठन का निर्देश किस अनुच्छेद में है? → भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विधिक प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के अंतर्गत की गई थी, और यह भारत का ऐसा पहला विशेष न्यायिक निकाय है जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) की सख्त प्रक्रियाओं से बंधा हुआ नहीं है, बल्कि यह 'प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत' (Principles of Natural Justice) के आधार पर कार्य करता है। 2. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम के तहत अधिकरण को यह वैधानिक बाध्यता दी गई है कि वह पर्यावरण से संबंधित मामलों के आवेदन या अपील को दर्ज करने की तारीख से अधिकतम 6 महीने के भीतर उसका अंतिम निपटान करेगा। 3. NGT के निर्णयों या आदेशों के विरुद्ध प्रत्यक्ष रूप से सर्वोच्च न्यायालय में अपील केवल 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010' के विशिष्ट प्रावधानों के अंतर्गत ही की जा सकती है, और अधिकरण के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालयों (High Courts) के पास अनुच्छेद 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र (Writ Jurisdiction) का कोई अधिकार नहीं रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.