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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

Detailed Explanation

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को ए.ओ. ह्यूम द्वारा की गई थी।
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→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संसद' (Parliament) तथा 'संसदीय विशेषाधिकारों' (Parliamentary Privileges) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 105 के अंतर्गत संसद के दोनों सदनों, उसके सदस्यों और समितियों को कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिनमें संसद के भीतर वाक् स्वतंत्रता (Freedom of Speech) का अधिकार भी शामिल है, और इस अधिकार के तहत सदन में कही गई किसी भी बात या दिए गए किसी भी मत के लिए संसद सदस्य पर देश के किसी भी न्यायालय में कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती। 2. जब संसद का सत्र नहीं चल रहा हो और राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 123 के तहत कोई अध्यादेश (Ordinance) प्रख्यापित किया जाता है, तो इस अध्यादेश को संसद की पुनर्बैठक के पश्चात दोनों सदनों द्वारा अनिवार्य रूप से अनुमोदित किया जाना होता है, और यदि संसद इस पर कोई विचार नहीं करती है, तो यह अध्यादेश संसद की बैठक पुनः आरंभ होने के 6 सप्ताह की समाप्ति पर अथवा दोनों सदनों द्वारा अस्वीकृत करने वाले संकल्प पारित किए जाने पर स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है। 3. लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker) अपने पद की शपथ देश के मुख्य न्यायाधीश या उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष ग्रहण करता है, और लोकसभा विघटित होने के पश्चात भी नए अध्यक्ष का निर्वाचन होने तक नवनिर्वाचित लोकसभा की पहली बैठक तक अपने पद पर बना रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्षा में गति करती है, इसे क्या कहते हैं? → किसने कहा था कि 'संविधान सभा कांग्रेस नहीं है और कांग्रेस संविधान सभा नहीं है'? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' और 'अनुच्छेद 226' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारक्षेत्र (Writ Jurisdiction) एवं लोकहित याचिका (PIL) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही रिट जारी कर सकता है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों को न केवल मौलिक अधिकारों बल्कि किसी अन्य उद्देश्य (जैसे सामान्य विधिक अधिकारों के प्रवर्तन) के लिए भी रिट जारी करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, और उच्च न्यायालयों का यह रिट अधिकारक्षेत्र उनका एक अनन्य (Exclusive) अधिकार है जिसे संसद विधि द्वारा भी सर्वोच्च न्यायालय को हस्तांतरित नहीं कर सकती है। 2. 'पी. एन. भगवती' के नेतृत्व में 1980 के दशक में विकसित 'लोकहित याचिका' (PIL) की अवधारणा ने पारंपरिक 'लोकस स्टैंडी' (Locus Standi - यानी केवल पीड़ित व्यक्ति द्वारा ही अदालत जाने का नियम) को शिथिल कर दिया, जिसके तहत अब समाज का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति या सामाजिक संगठन समाज के शोषित, वंचित या गरीबों के मौलिक अधिकारों के हनन के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। 3. 'चंद्र कुमार बनाम भारत संघ (1997)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि उच्च न्यायालयों का अनुच्छेद 226 के अंतर्गत प्राप्त रिट अधिकारक्षेत्र संविधान के 'मूल ढांचे' (Basic Structure) का एक अभिन्न हिस्सा है, और संसद किसी भी सांविधिक न्यायाधिकरण (Tribunal) की स्थापना करके उच्च न्यायालयों के इस न्यायिक समीक्षा के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय इतिहास के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान मुद्रा प्रणाली (Currency System) और आर्थिक सुधारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सल्तनत काल में तांबे के सिक्के को 'जीतल' (Jital) कहा जाता था, जबकि चांदी के सिक्के को 'टंका' (Tanka) के रूप में जाना जाता था, और इन दोनों के बीच का मौद्रिक अनुपात इल्तुतमिश के शासनकाल में पहली बार मानकीकृत किया गया था। 2. मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा शुरू की गई 'सांकेतिक मुद्रा' (Token Currency) प्रणाली के तहत तांबे और पीतल के सिक्कों का मूल्य सोने और चांदी के सिक्कों के बराबर कर दिया गया था, किंतु राज्य द्वारा सिक्कों के उत्पादन पर राजकीय एकाधिकार (State Monopoly) न होने के कारण बड़े पैमाने पर जाली सिक्कों (Counterfeit Coins) का निर्माण होने लगा, जिससे अर्थव्यवस्था चरमरा गई। 3. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने सैन्य सुधारों और बाजार नियंत्रण नीति को सफल बनाने के लिए वस्तुओं के मूल्यों को सख्ती से नियंत्रित किया था, तथा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने सभी प्रकार के सोने, चांदी और तांबे के सिक्कों के प्रचलन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर केवल वस्तु-विनिमय (Barter System) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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