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Indian Polity
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शोषण के विरुद्ध अधिकार संविधान के किन अनुच्छेदों में है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation) अनुच्छेद 23 और 24 में वर्णित है, जो मानव तस्करी और बाल श्रम को प्रतिबंधित करता है।
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की प्रस्तावना पंडित नेहरू द्वारा प्रस्तुत और संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को अपनाए गए 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) पर आधारित है, और इसे संविधान का अंग होने के कारण अनुच्छेद 368 के तहत विधिवत संशोधित किया जा सकता है।
2. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'बेरूबारी यूनियन वाद' (1960) में यह स्पष्ट रूप से अभिनिर्धारित किया गया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है, जबकि 'केशवानंद भारती वाद' (1973) में इस निर्णय को पलटते हुए यह कहा गया कि प्रस्तावना संविधान का अंग नहीं है।
3. प्रस्तावना में उल्लिखित 'न्याय' (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) के आदर्श को रूसी क्रांति (1917) से लिया गया है, जबकि 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' के आदर्श को फ्रांसीसी क्रांति (1789) से प्रेरित होकर शामिल किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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86वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया मौलिक कर्तव्य किससे संबंधित है?
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भारतीय संविधान के निर्माण के क्रम में विभिन्न समितियों, उनके अध्यक्षों तथा संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण और उससे संबंधित विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुल 8 प्रमुख (बड़ी) समितियाँ और कई छोटी समितियों का गठन किया गया था, जिनमें प्रांतीय संविधान समिति और संघ संविधान समिति दोनों के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
2. डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित 7 सदस्यीय 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) का मुख्य कार्य संविधान सभा द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक प्रारूप पर विचार करना था, और इस समिति ने अपना प्रथम प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित किया था जिस पर देशवासियों और विशेषज्ञों को आलोचना व सुझाव देने के लिए 8 महीने का समय दिया गया था।
3. संविधान सभा के कुल सत्रों की संख्या 11 थी, तथा संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, जिसके दौरान लगभग 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया गया था और इस पर कुल लगभग 64 लाख रुपये का खर्च आया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 75 के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, जिसे 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया था।
2. भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है और वह राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते समय या उसके कृत्यों का निर्वहन करते समय राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य नहीं करता है तथा उस अवधि में उसे राज्यसभा के सभापति के वेतन या भत्ते प्राप्त नहीं होते हैं।
3. अनुच्छेद 78 के अनुसार प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन संबंधी और विधान के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे, और यदि राष्ट्रपति ऐसा अपेक्षा करे तो मंत्रिपरिषद के विचार के लिए किसी ऐसे विषय को प्रस्तुत करे जिस पर किसी मंत्री ने विनिश्चय कर लिया है किन्तु मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) और उनके क्रियान्वयन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 39(b) और 39(c) के अंतर्गत निहित नीति निर्देशक सिद्धांतों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यदि संसद या राज्य विधानमंडल द्वारा कोई कानून बनाया जाता है और वह कानून अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे केवल इस आधार पर असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता कि वह इन मूल अधिकारों को सीमित करता है (यह प्रावधान 25वें संविधान संशोधन, 1971 द्वारा जोड़ा गया था)।
2. सर्वोच्च न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स वाद' (1980) में यह स्पष्ट रूप से प्रतिपादित किया था कि भारतीय संविधान की नींव मूल अधिकारों और नीति निर्देशक तत्वों के बीच संतुलन के संतुलन चक्र (Balance Wheel) पर टिकी है, और इनमें से किसी एक को दूसरे पर सर्वोच्चता देने से संविधान का मूल ढांचा प्रभावित होता है।
3. अनुच्छेद 44 के तहत राज्य पूरे भारत के राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा, तथा गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ संविधान लागू होने के समय से ही पुर्तगाली सिविल कोड, 1867 के रूप में साझी सिविल संहिता लागू है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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