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Indian Polity
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वर्तमान में भारत में कुल कितने उच्च न्यायालय (High Courts) हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वर्तमान में भारत में कुल 25 उच्च न्यायालय हैं।
Related Questions
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भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) और उनके न्यायिक प्रवर्तन तथा संवैधानिक संशोधन संबंधी प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा, किंतु ये तत्व किसी भी न्यायालय द्वारा न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं, अर्थात इनके उल्लंघन पर किसी भी न्यायालय में वाद दायर नहीं किया जा सकता है।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में कुछ नए निर्देश जोड़े गए, जिनमें बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अवसरों को सुरक्षित करना (अनुच्छेद 39), समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता (अनुच्छेद 39-क), उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी (अनुच्छेद 43-क) तथा पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन तथा वन एवं वन्य जीवों की रक्षा (अनुच्छेद 48-क) शामिल हैं।
3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अनुच्छेद 38 में एक नया खंड जोड़ा गया जिसके तहत राज्य को विशेष रूप से यह निर्देश दिया गया कि वह आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताओं को कम से कम करे, और न केवल व्यक्तियों के बीच बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले और विभिन्न व्यवसायों में लगे हुए समूहों के बीच भी असमानताओं को समाप्त करने का प्रयास करे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?
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राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में राज्यपाल की शक्तियों, अध्यादेश निर्माण तथा मुख्यमंत्री की स्थिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल को प्रदत्त अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति स्वविवेक की शक्ति नहीं है, बल्कि वह इस शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही कर सकता है, किंतु कुछ विशिष्ट मामलों (जैसे- ऐसे विषय जिन पर कानून बनाने के लिए राज्य विधानमंडल को विधेयक प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति आवश्यक हो) में अध्यादेश प्रख्यापित करने के लिए राज्यपाल को राष्ट्रपति के निर्देशों का अनुपालन करना अनिवार्य होता है।
2. अनुच्छेद 164 के उपबंधों के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करता है, तथा छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा राज्यों में जनजातियों के कल्याण के लिए एक पृथक मंत्री का होना अनिवार्य किया गया है, जिसके पास गृह या वित्त विभाग का प्रभार होना संविधान द्वारा अनिवार्य रूप से तय किया गया है।
3. अनुच्छेद 167 के अंतर्गत मुख्यमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासन के संचालन से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय और विधान-विषयक प्रस्ताव राज्यपाल को संसूचित करे तथा राज्यपाल द्वारा माँगी गई ऐसी सूचनाएँ राज्यपाल को प्रदान करे, जिनका संबंध राज्य के प्रशासनिक मामलों और विधान-विषयक प्रस्तावों से हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में पारित 'रेगुलेटिंग एक्ट, 1773' और 'पिट्स इंडिया एक्ट, 1784' के ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के द्वारा बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए एक चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, तथा इसी अधिनियम के तहत कलकत्ता में एक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की गई जिसके प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे थे।
2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 द्वारा कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक कर दिया गया, जिसके तहत व्यापारिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) और राजनीतिक मामलों के लिए 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' (Court of Directors) की स्थापना की गई।
3. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 ने ब्रिटिश सरकार को पहली बार कंपनी के प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यों को नियमित और नियंत्रित करने का अवसर प्रदान किया, जिससे भारत में केंद्रीय प्रशासन की नींव रखी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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अनुच्छेद 44 का संबंध किससे है?
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