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फिरदौसी सिलसिले के संस्थापक कौन थे?

Detailed Explanation

फिरदौसी सिलसिला सुहरावर्दी सिलसिले की ही एक शाखा थी, जिसके संस्थापक शेख बदरुद्दीन समरकंदी थे।
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→ भारतीय राजव्यवस्था के संदर्भ में, 'संसद की वित्तीय समितियों' (Financial Committees) अर्थात् प्राक्कलन समिति, लोक लेखा समिति और सार्वजनिक उपक्रम समिति के कार्यकरण और उनकी संरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) में कुल 22 सदस्य होते हैं, जिनमें से 15 लोकसभा से और 7 राज्य सभा से होते हैं, तथा इसके सदस्यों का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व के सिद्धांत के आधार पर एकल संक्रमणीय मत द्वारा प्रत्येक वर्ष किया जाता है। 2. प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) देश की सबसे बड़ी संसदीय समिति है जिसमें 30 सदस्य होते हैं और सभी 30 सदस्य केवल लोकसभा से चुने जाते हैं; राज्य सभा का कोई भी सदस्य इस समिति में शामिल नहीं होता है। 3. सार्वजनिक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings) के अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है, और पारंपरिक रूप से (वर्ष 1967 के बाद से) इस समिति का अध्यक्ष भी लोक लेखा समिति की तरह मुख्य विपक्षी दल से ही चुना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) और 'अनुच्छेद 226' (उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता) के बीच तुलनात्मक अंतर और उनकी सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय केवल 'मौलिक अधिकारों' के प्रवर्तन के लिए ही रिट जारी कर सकता है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय न केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए बल्कि 'किसी अन्य उद्देश्य' (जैसे सांविधिक या सामान्य कानूनी अधिकारों के उल्लंघन पर) के लिए भी रिट जारी कर सकते हैं। 2. सर्वोच्च न्यायालय का अनुच्छेद 32 के अंतर्गत रिट क्षेत्राधिकार एक 'मौलिक अधिकार' है और सर्वोच्च न्यायालय इस आधार पर रिट याचिका पर सुनवाई करने से इंकार नहीं कर सकता कि मामला अत्यधिक स्थानीय है, जबकि उच्च न्यायालय का अनुच्छेद 226 के अंतर्गत क्षेत्राधिकार उसका एक विवेकीय (Discretionary) अधिकार है। 3. क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र (Territorial Jurisdiction) के मामले में, अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र संपूर्ण भारत पर एक समान रूप से विस्तारित है, जबकि अनुच्छेद 226 के अंतर्गत किसी उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता केवल उस प्राधिकारी या सरकार के विरुद्ध ही प्रयोग की जा सकती है जो उस उच्च न्यायालय के प्रादेशिक क्षेत्र के भीतर स्थित है, भले ही वाद-कारण (Cause of Action) उस क्षेत्र से बाहर उत्पन्न हुआ हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → कांग्रेस के किस अधिवेशन में गरम दल और नरम दल का विभाजन हुआ? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Interior of the Earth) तथा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के संचरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूकंपीय तरंगों में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं। 2. वैज्ञानिकों ने प्राथमिक और द्वितीयक तरंगों के वेग परिवर्तन और छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि पृथ्वी का 'बाहरी क्रोड़' (Outer Core) तरल अवस्था में है, क्योंकि इस क्षेत्र में S-waves पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं जबकि P-waves का मार्ग विवर्तित (Refract) होता है। 3. पृथ्वी की आंतरिक परतों के बीच पाई जाने वाली 'लेहमैन असंबद्धता' (Lehmann Discontinuity) क्रस्ट (Crust) और ऊपरी मेंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा का निर्धारण करती है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1928 में प्रस्तुत 'नेहरू रिपोर्ट' (Nehru Report) और उससे संबंधित राजनीतिक विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में तैयार की गई नेहरू रिपोर्ट ने भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' (Dominion Status) की मांग की थी, जिसे उस समय कांग्रेस के भीतर युवा नेताओं जैसे जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस द्वारा समर्थित किया गया था, क्योंकि वे पूर्ण स्वराज्य के तत्काल लक्ष्य से सहमत थे। 2. इस रिपोर्ट में सांप्रदायिक निर्वाचन क्षेत्रों (Separate Electorates) को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था और इसके स्थान पर अल्पसंख्यकों के लिए आबादी के अनुपात में सीटों के 'संयुक्त निर्वाचन क्षेत्रों' (Joint Electorates) में आरक्षण का प्रस्ताव रखा गया था। 3. जिन्ना ने नेहरू रिपोर्ट में मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए कुछ संशोधन प्रस्तावित किए थे (जिन्हें बाद में 'जिन्ना के चौदह सूत्रीय मांग' के रूप में जाना गया), जिन्हें कांग्रेस और सर्वदलीय सम्मेलन द्वारा स्वीकार कर लिया गया था, जिससे हिंदू-मु मुस्लिम एकता को एक नया आयाम मिला। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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