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राज्यसभा के एक सदस्य का कार्यकाल कितना होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राज्यसभा के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।
Related Questions
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX-B' (सहकारी समितियाँ - अनुच्छेद 243ZH से 243ZT) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान (97वां संशोधन) अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों को एक संवैधानिक दर्जा और संरक्षण प्रदान किया गया, तथा इसके तहत सहकारी समितियों के गठन के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत एक 'मौलिक अधिकार' बना दिया गया।
2. इस संशोधन के माध्यम से संविधान में एक नया 'नीति निर्देशक तत्व' (Article 43B) जोड़ा गया, जिसके अनुसार राज्य सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज, लोकतांत्रिक नियंत्रण और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।
3. संविधान के प्रावधानों के अनुसार, किसी सहकारी समिति के बोर्ड के निदेशकों की अधिकतम संख्या 25 से अधिक नहीं हो सकती है, तथा बोर्ड में अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के लिए कम से कम दो सीटें और महिलाओं के लिए दो सीटें आरक्षित होना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 355' और 'अनुच्छेद 356' के अंतर्संबंधों तथा 'संघीय आपातकालीन प्रावधानों' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 355 संघ पर यह कर्तव्य आरोपित करता है कि वह बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक राज्य की सरकार इस संविधान के उपबंधों के अनुसार ही चलाई जा रही है।
2. ऐतिहासिक 'एस.आर. बोम्मई वाद (1994)' में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि अनुच्छेद 355 के तहत 'संविधान के उपबंधों के अनुसार राज्य का शासन न चलाया जाना' केवल तभी माना जाएगा जब राज्य सरकार विधानसभा में अपना बहुमत खो दे, और इसके अलावा किसी अन्य प्रशासनिक विफलता के आधार पर अनुच्छेद 356 का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
3. अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति के प्राधिकार के अधीन रहते हुए, राज्य के उच्च न्यायालय (High Court) से संबंधित सभी शक्तियों और कृतियों को अपने हाथ में ले सकता है या उनका प्रयोग कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय धाराओं' (Ocean Currents) और उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों तथा 'एल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) के प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय धाराओं की दिशा और गति मुख्य रूप से प्रचलित हवाओं, पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिओलिस बल (Coriolis Force), महाद्वीपीय तटों की आकृति और समुद्र के जल के तापमान एवं लवणता में भिन्नता के कारण उत्पन्न घनत्व प्रवणता द्वारा निर्धारित होती है।
2. उत्तरी गोलार्ध में कोरिओलिस बल के प्रभाव से महासागरीय धाराएँ अपनी मूल दिशा के दाईं ओर (Clockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर (Anti-clockwise) विक्षेपित हो जाती हैं, जिसे 'फेरेल का नियम' भी कहा जाता है।
3. 'एल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग (ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के पास) में उच्च वायुदाब और पूर्वी भाग (पेरू के तट के पास) में निम्न वायुदाब विकसित हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण अमेरिकी तट पर ठंडी जलधारा का प्रवाह बढ़ जाता है और भारत में मानसून की वर्षा सामान्य से अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) और उनके वायुमंडलीय प्रभावों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जेट स्ट्रीम क्षोभमंडल (Troposphere) के ऊपरी स्तरों में अत्यधिक तीव्र गति से बहने वाली भू-विक्षेपी (Geostrophic) हवाओं की संकीर्ण पट्टियाँ हैं, जिनकी गति सर्दियों में तापमान के बड़े अंतर के कारण गर्मियों की तुलना में अधिक होती है।
2. उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) भारतीय मानसून को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है, जो गर्मियों में तिब्बत के पठार के गर्म होने के कारण उत्तर की ओर खिसक जाती है और प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर 'पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) को स्थापित होने में सहायता करती है।
3. 'ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम' (Polar Front Jet Stream) ठंडी ध्रुवीय हवाओं और गर्म उष्णकटिबंधीय हवाओं के मिलने से बनने वाले वाताग्र के ऊपर प्रवाहित होती है, और यह जेट स्ट्रीम उत्तरी गोलार्ध के मध्य अक्षांशों में मौसम की प्रणालियों, विशेष रूप से चक्रवातों के मार्ग को निर्धारित करने में कोई प्रभाव नहीं डालती है क्योंकि यह ध्रुवीय क्षेत्रों तक ही सीमित रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) के लक्ष्य और उसके क्रियान्वयन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में शुरू किया गया 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) देश का पहला राष्ट्रव्यापी प्रयास है जिसका लक्ष्य देश के सभी चिन्हित गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment cities) में वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।
2. इस कार्यक्रम के तहत मूल रूप से यह लक्ष्य निर्धारित किया गया था कि वर्ष 2024 तक आधार वर्ष (Base Year 2017) की तुलना में देश के चिन्हित शहरों में पार्टिकुलेट मैटर ($PM_{10}$ और $PM_{2.5}$) सांद्रता में 20% से 30% तक की कमी लाई जाए, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40% की कमी का नया लक्ष्य रखा गया है।
3. NCAP के तहत शहरों के लिए तैयार की जाने वाली 'शहरी कार्य योजना' (City Action Plans) को कानूनी रूप से बाध्यकारी (Legally Binding) दस्तावेज बनाया गया है, जिसका अनुपालन न करने पर संबंधित नगर निकायों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों पर भारी आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान इस अधिनियम के तहत किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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