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धन विधेयक के संबंध में राज्यसभा को कितनी शक्तियाँ प्राप्त हैं?

Detailed Explanation

राज्यसभा धन विधेयक को न तो अस्वीकार कर सकती है और न ही संशोधित, वह इसे अधिकतम 14 दिन तक रोक सकती है।
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→ लॉर्ड डलहौजी की हड़प नीति के तहत विलय हुए राज्यों का सही कालानुक्रम क्या है? → सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े लंबित विवाद के समाधान के लिए किन चार राज्यों ने ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए? → सारनाथ बुद्ध के जीवन से कैसे संबद्ध है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' के अंतर्गत 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' (Directive Principles of State Policy - अनुच्छेद 36 से 51) तथा इनके न्यायोचित (Justiciable) और गैर-न्यायोचित स्वरूप के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 37 में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि नीति निर्देशक तत्वों में अंतर्विष्ट उपबंध किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Enforceable) नहीं होंगे, किंतु फिर भी ये देश के शासन में मौलिक हैं और कानून बनाने में इन सिद्धांतों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा। 2. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने कई ऐतिहासिक निर्णयों में यह प्रतिपादित किया है कि यद्यपि नीति निर्देशक तत्व सीधे तौर पर न्यायोचित नहीं हैं, किंतु संविधान के अनुच्छेद 21 के दायरे का विस्तार करते समय तथा किसी वैधानिक प्रावधान की संवैधानिकता की जाँच करते समय न्यायालयों को 'सामंजस्यपूर्ण निर्माण के सिद्धांत' (Principle of Harmonious Construction) के तहत मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक तत्वों के बीच संतुलन स्थापित करना चाहिए। 3. भारतीय संविधान में उल्लिखित नीति निर्देशक तत्वों को पूरी तरह से ब्रिटिश संविधान के 'इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शंस' (Instrument of Instructions) से हूबहू लिया गया है, और वर्ष 1950 में संविधान लागू होने के समय से ही इनमें पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की रक्षा से संबंधित निर्देशक तत्व मूल रूप से शामिल थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ की कार्यपालिका - राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन तथा महाभियोग की प्रक्रिया) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति के निर्वाचकगण (Electoral College) में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं, और इसके साथ ही दिल्ली और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को भी 70वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा इस निर्वाचकगण में शामिल किया गया था। 2. राष्ट्रपति के चुनाव में उत्पन्न होने वाले सभी शंकाओं और विवादों की जाँच और उनका विनिश्चय केवल और केवल भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है, और निर्वाचन आयोग का यह निर्णय अंतिम होता है जिसे किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति पर 'संविधान के अतिक्रमण' के आधार पर केवल संसद के किसी भी सदन में महाभियोग का आरोप लगाया जा सकता है, बशर्ते कि ऐसा आरोप लगाने वाला संकल्प उस सदन की कुल सदस्य संख्या के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित किया गया हो, और इस प्रक्रिया में संसद के मनोनीत (Nominated) सदस्य भी मतदान में भाग लेते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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