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एजेंडा 21 किस सम्मेलन का परिणाम था?

Detailed Explanation

एजेंडा 21 को 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन में अपनाया गया था।
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→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 124' के अंतर्गत 'उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति' और 'कॉलेजियम प्रणाली' के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के मूल पाठ में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए 'कॉलेजियम प्रणाली' का कोई प्रावधान नहीं था, और वर्ष 1993 के द्वितीय न्यायाधीश मामले (Second Judges Case) में सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्धारित किया कि मुख्य न्यायाधीश की 'परामर्श' (Consultation) प्रक्रिया का अर्थ वस्तुतः 'सहमति' (Concurrence) है। 2. 'तृतीय न्यायाधीश मामले' (Third Judges Case, 1998) में सर्वोच्च न्यायालय ने परामर्श प्रक्रिया के दायरे का विस्तार करते हुए यह स्पष्ट किया कि मुख्य न्यायाधीश के साथ कॉलेजियम में सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होने चाहिए, और इनमें से यदि दो न्यायाधीश भी किसी नियुक्ति के विरुद्ध लिखित रूप में संस्तुति करते हैं, तो वह नियुक्ति आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। 3. राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम, 2014 और उससे संबंधित 99वें संविधान संशोधन अधिनियम को सर्वोच्च न्यायालय ने 'चौथे न्यायाधीश मामले' (Fourth Judges Case, 2015) में इस आधार पर असंवैधानिक घोषित कर दिया कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान के 'बुनियादी ढांचे' (Basic Structure) का उल्लंघन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → सर्वोच्च न्यायालय का कौन सा क्षेत्राधिकार उसे संघ और राज्यों के बीच विवाद सुलझाने का अधिकार देता है? → भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, भारत में 'अनुसूचित जातियों और अन्य पारंपरिक वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006' (Forest Rights Act, 2006) के प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के तहत 'वन अधिकार समिति' (Forest Rights Committee - FRC) का गठन ग्राम स्तर पर किया जाता है, जो ग्राम सभा (Gram Sabha) की एक उप-समिति होती है, और यह समिति व्यक्तिगत वन अधिकार (IFR) तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFR) के दावों का प्रारंभिक सत्यापन कर उन्हें ग्राम सभा के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करती है। 2. अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत पारंपरिक वनवासियों को न केवल अपने आवास और खेती के लिए भूमि का अधिकार प्रदान किया गया है, बल्कि उन्हें गौण वनोपज (Minor Forest Produce - MFP) के स्वामित्व, उपयोग और इसके विपणन का अधिकार तथा सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, पुनर्जनन या प्रबंधन का अधिकार भी कानूनी रूप से दिया गया है। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'ऑल इंडिया वनवासी समाज बनाम संघ राज्य क्षेत्र' तथा अन्य मामलों में दिए गए निर्णयों के अनुसार, इस अधिनियम के अंतर्गत वन अधिकारों के दावों की अस्वीकृति या अपील की प्रक्रिया में राज्य सरकार के वन विभाग (Forest Department) को अंतिम निर्णय लेने की अनन्य विधिक शक्ति प्राप्त है, और ग्राम सभा के निर्णय इस मामले में अंतिम नहीं होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 324' के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) की स्वतंत्रता, शक्तियों और इसके न्यायिक आयामों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 324 देश में संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग को प्रदान करता है। 2. मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य चुनाव आयुक्तों को मुख्य चुनाव आयुक्त की संस्तुति के बिना राष्ट्रपति द्वारा नहीं हटाया जा सकता है। 3. ऐतिहासिक 'टी.एन. शेषन बनाम भारत संघ (1995)' वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को प्रदत्त शक्तियाँ केवल विधायी कानूनों द्वारा बनाए गए नियमों तक सीमित हैं, और यदि संसद कोई कानून नहीं बनाती है, तो आयोग अपनी शक्तियों का स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → किस सुल्तान ने दरबारी शिष्टाचार के रूप में 'सिजदा' और 'पैबोस' की शुरुआत की?
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