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किस संशोधन द्वारा मताधिकार की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई?

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61वें संविधान संशोधन (1989) द्वारा मतदान की आयु कम की गई।
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Related Questions

→ भारत में विटामिन सी का सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोत किसे माना जाता है? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) तथा मौसम और जलवायु पर इनके प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जेट स्ट्रीम्स ऊपरी क्षोभमंडल में उच्च गति से बहने वाली संकीर्ण हवाओं की पेटियाँ हैं, जो मुख्य रूप से ध्रुवीय मोर्चे (Polar Front) और उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब क्षेत्रों के पास तापमान के भारी अंतर के कारण उत्पन्न होती हैं। 2. ग्रीष्म ऋतु के दौरान, 'उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम' (Subtropical Westerly Jet Stream) का मार्ग तिब्बत के पठार के उत्तर की ओर विस्थापित हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति और उसके तीव्र विकास में सहायता मिलती है। 3. 'ध्रुवीय पूर्ववर्ती जेट स्ट्रीम' (Polar Easterly Jet Stream) शीतकाल में भारत के उत्तरी भागों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) लाने के लिए पूरी तरह उत्तरदायी होती है, जो भूमध्य सागर से नमी प्राप्त करके उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के तहत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) और 'अनुच्छेद 161' के तहत राज्यपाल की क्षमादान शक्ति के बीच तुलनात्मक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति का दायरा राज्यपाल की तुलना में अधिक विस्तृत होता है, क्योंकि राष्ट्रपति सैन्य न्यायालयों (Court Martial) द्वारा दिए गए दंड या मृत्युदंड के मामलों में भी क्षमादान दे सकता है, जबकि राज्यपाल को सैन्य न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध क्षमादान देने की कोई शक्ति प्राप्त नहीं है और न ही वह मृत्युदंड को पूर्णतः क्षमा (Pardon) कर सकता है, भले ही राज्य विधि के अंतर्गत मृत्युदंड का प्रावधान क्यों न हो। 2. संविधान के अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति मंत्रिपरिषद की सलाह से स्वतंत्र होती है, अर्थात राष्ट्रपति इस शक्ति का प्रयोग अपने स्वविवेक से कर सकता है और इसके लिए वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद के परामर्श मानने के लिए विधिक रूप से बाध्य नहीं है। 3. उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों के अनुसार, क्षमादान याचिकाओं के निस्तारण में अत्यधिक देरी होने पर दोषी व्यक्ति को राहत दी जा सकती है, और राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा क्षमादान याचिकाओं को खारिज करने के निर्णयों की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का दायरा अत्यंत सीमित है तथा यह केवल इस आधार पर की जा सकती है कि निर्णय दुर्भावनापूर्ण, मनमाना या अप्रासंगिक विचारों पर आधारित था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → चंपारण सत्याग्रह किस समस्या के समाधान के लिए किया गया था? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों से संबंधित - अनुच्छेद 243 से 243-O) के अंतर्गत 'जिला योजना समिति' (District Planning Committee - DPC) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243ZD के अनुसार, प्रत्येक राज्य में जिले स्तर पर एक जिला योजना समिति का गठन किया जाएगा ताकि उस जिले के लिए विकास योजनाएँ तैयार की जा सकें, और इस समिति के गठन का मुख्य संवैधानिक दायित्व राज्य विधानमंडल को सौंपा गया है जो इसके सदस्यों की संरचना और उनके निर्वाचन के संबंध में विधि का निर्माण करता है। 2. जिला योजना समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम चार-चौथाई (75 प्रतिशत) सदस्य उस जिले की पंचायतों (जिला पंचायत और मध्यवर्ती/ब्लॉक पंचायतों) तथा नगरपालिकाओं (नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों) के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाने चाहिए, और इन सदस्यों का अनुपात जिले में ग्रामीण और शहरी आबादी के अनुपात के आधार पर होना चाहिए। 3. जिला योजना समिति के अध्यक्ष को उस जिले का केंद्रीय मंत्री या संबंधित राज्य का राज्यपाल नामित करता है, तथा समिति द्वारा तैयार की गई जिला विकास योजना को अंतिम रूप देने के बाद उसे सीधे केंद्र सरकार की योजना आयोग की तर्ज पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है, जिसे राज्य सरकार द्वारा संशोधित या अस्वीकार नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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