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सुभाषचन्द्र बोस ने 'दिल्ली चलो' का नारा कहाँ दिया था?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सुभाषचन्द्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में 'दिल्ली चलो' का नारा दिया था।
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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1928 में गठित 'नेहरू रिपोर्ट' (Nehru Report) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस रिपोर्ट को तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू थे, तथा इसके सचिव जवाहरलाल नेहरू थे, और इस रिपोर्ट ने ब्रिटिश भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' (Dominion Status) की मांग का पुरज़ोर समर्थन किया था।
2. नेहरू रिपोर्ट में भारत के लिए एक नए संघीय संविधान का प्रस्ताव किया गया था जिसमें अल्पसंख्यकों के लिए पृथक् निर्वाचक मंडलों (Separate Electorates) को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया गया था और इसके स्थान पर केवल मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जनसँख्या के आधार पर सीटों के आरक्षण की बात कही गई थी।
3. इस रिपोर्ट में पहली बार भाषाई आधार पर प्रांतों के पुनर्गठन की मांग की गई थी, और भारत के सभी नागरिकों के लिए—बिना किसी लिंग भेद के—मूल अधिकारों (Fundamental Rights) के एक विधेयक (Bill of Rights) का प्रावधान करने की संस्तुति की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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गल्फ स्ट्रीम कैसी जलधारा है?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, भारत में 'अनुसूचित जातियों और अन्य पारंपरिक वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006' (Forest Rights Act, 2006) के प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के तहत 'वन अधिकार समिति' (Forest Rights Committee - FRC) का गठन ग्राम स्तर पर किया जाता है, जो ग्राम सभा (Gram Sabha) की एक उप-समिति होती है, और यह समिति व्यक्तिगत वन अधिकार (IFR) तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFR) के दावों का प्रारंभिक सत्यापन कर उन्हें ग्राम सभा के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करती है।
2. अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत पारंपरिक वनवासियों को न केवल अपने आवास और खेती के लिए भूमि का अधिकार प्रदान किया गया है, बल्कि उन्हें गौण वनोपज (Minor Forest Produce - MFP) के स्वामित्व, उपयोग और इसके विपणन का अधिकार तथा सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, पुनर्जनन या प्रबंधन का अधिकार भी कानूनी रूप से दिया गया है।
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'ऑल इंडिया वनवासी समाज बनाम संघ राज्य क्षेत्र' तथा अन्य मामलों में दिए गए निर्णयों के अनुसार, इस अधिनियम के अंतर्गत वन अधिकारों के दावों की अस्वीकृति या अपील की प्रक्रिया में राज्य सरकार के वन विभाग (Forest Department) को अंतिम निर्णय लेने की अनन्य विधिक शक्ति प्राप्त है, और ग्राम सभा के निर्णय इस मामले में अंतिम नहीं होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत केंद्र और राज्यों के बीच 'विधायनी संबंधों' (Legislative Relations - Articles 245-255) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, तथा संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून को इस आधार पर अमान्य नहीं ठहराया जा सकता कि उसका अतिरिक्त प्रादेशिकीय प्रवर्तन (Extra-territorial operation) है।
2. अनुच्छेद 249 के अंतर्गत यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक प्रस्ताव पारित कर यह घोषित करे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर विधि बना सकती है, और ऐसा प्रस्ताव अधिकतम पाँच वर्षों की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
3. अनुच्छेद 254 के अनुसार यदि किसी राज्य के विधानमंडल द्वारा समवर्ती सूची (Concurrent List) में प्रगणित किसी विषय पर बनाया गया कोई कानून संसद द्वारा बनाए गए किसी पूर्ववर्ती कानून के उपबंध के विरुद्ध या असंगत है, तो संसद द्वारा निर्मित कानून ही मान्य होगा, चाहे राज्य का कानून राष्ट्रपति की अनुमति के लिए आरक्षित रखा गया हो और उसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल गई हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 124(4)' और 'अनुच्छेद 217(1)(b)' के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया (Impeachment/Removal Process) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुसार उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को उसके पद से हटाने का आदेश राष्ट्रपति द्वारा केवल तभी जारी किया जा सकता है जब संसद के प्रत्येक सदन द्वारा उस सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के बहुमत द्वारा समर्थित समावेदन (Address) राष्ट्रपति के समक्ष उसी सत्र में प्रस्तुत किया गया हो।
2. 'न्यायिक जाँच अधिनियम, 1968' (Judges Inquiry Act, 1968) के तहत न्यायाधीश के विरुद्ध कदाचार या असमर्थता के आरोपों की जांच के लिए लोकसभा या राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी द्वारा एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाता है, जिसमें उच्चतम न्यायालय का एक न्यायाधीश, किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश और एक प्रख्यात न्यायविद् (Eminent Jurist) शामिल होते हैं।
3. यदि संसद के किसी सत्र के दौरान न्यायाधीश को हटाने के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है और इस बीच लोकसभा विघटित (Dissolve) हो जाती है, तो न्यायाधीश के विरुद्ध लाया गया महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) लैप्स (व्यपगत) हो जाता है और उसे नए सिरे से पेश करना पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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