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किस सुल्तान ने 'रक्त और लौह' की नीति अपनाई थी?

Detailed Explanation

बलबन ने अपने विरोधियों को कुचलने के लिए रक्त और लौह की नीति अपनाई थी।
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→ जैन धर्म में 'कैवल्य' का क्या अर्थ है? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूमध्यरेखीय जलवायु' (Equatorial Climate) और 'सवाना जलवायु' (Savanna Climate) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूमध्यरेखीय जलवायु क्षेत्र वर्षभर उच्च तापमान और उच्च वर्षा का अनुभव करता है, जिसका मुख्य कारण सूर्य की किरणों का लंबवत चमकना और अंतઃउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) की स्थिति है, तथा यहाँ वर्षा का मुख्य प्रकार संवहनी वर्षा (Convectional Rainfall) है जो प्रायः प्रतिदिन दोपहर के बाद गरज और चमक के साथ होती है। 2. सवाना जलवायु (सودान तुल्य जलवायु), जो भूमध्यरेखीय और उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय जलवायु के बीच पाई जाती है, की मुख्य विशेषता स्पष्ट रूप से चिह्नित गीली और सूखी ऋत्विक विविधता है, जिसमें ग्रीष्मकाल में व्यापारिक हवाओं (Trade Winds) के प्रभाव से भारी वर्षा होती है और शीतकाल में अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) के खिसकने के कारण अत्यधिक शुष्क परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं। 3. भूमध्यरेखीय वनों की तुलना में सवाना प्रदेशों में जैव विविधता कम होती है और यहाँ की प्राकृतिक वनस्पति में ऊंचे घास के मैदानों के साथ-साथ छिटपुट पेड़ (जैसे बआबाब और बबूल) पाए जाते हैं, जिन्हें 'पार्कैंड वनस्पति' (Parkland Vegetation) भी कहा जाता है, जो आग और मौसमी सूखे के अनुकूलित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 352' के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की उद्घोषणा और उसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए 'युद्ध', 'बाह्य आक्रमण' या 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर की जा सकती है, और मूल संविधान में 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द के स्थान पर 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द का प्रयोग किया गया था, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा बदला गया। 2. राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा तब तक नहीं की जा सकती जब तक कि 'संघ के मंत्रिमंडल' (Cabinet) द्वारा, जिसमें प्रधानमंत्री और कैबिनेट स्तर के अन्य मंत्री शामिल हैं, इस आशय का निर्णय लिखित रूप में राष्ट्रपति को संसूचित न किया गया हो। 3. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी घोषणा की तारीख से 'एक मास' के भीतर विशेष बहुमत (Special Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है, और एक बार अनुमोदित होने के बाद यह आपातकाल अनिश्चित काल तक जारी रह सकता है, बशर्ते इसे हर छह महीने में संसद द्वारा पुनः अनुमोदित कराया जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV-क' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51-क) तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल कर्तव्यों को संविधान में शामिल करने के लिए स्वर्ण सिंह समिति ने यह सिफारिश की थी कि नागरिकों को करों का भुगतान करने का कर्तव्य भी मूल कर्तव्यों में कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाना चाहिए, जिसे संसद ने वर्ष 1976 में पूर्ण रूप से स्वीकार कर लिया था। 2. संविधान के अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत प्रत्येक भारतीय नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे। 3. स्वर्ण सिंह समिति की मूल सिफारिशों में नागरिकों द्वारा कर्तव्यों का पालन न करने पर दंड या शास्ति (Penalty) आरोपित करने का प्रावधान करने का सुझाव दिया गया था, जिसे इंदिरा गांधी सरकार ने संविधान संशोधन अधिनियम में अनिवार्य रूप से शामिल कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 355' और 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत केंद्र की राज्य के प्रति बाध्यताओं और 'राष्ट्रपति शासन' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 355 केंद्र सरकार पर यह संवैधानिक कर्तव्य आरोपित करता है कि वह बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक राज्य की सरकार इस संविधान के उपबंधों के अनुसार ही चलाई जा रही है। 2. 'एस. आर. बोम्बाई बनाम भारत संघ' (1994) मामले के ऐतिहासिक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि धर्मनिरपेक्षता (Secularism) भारतीय संविधान के बुनियादी ढांचे का एक अनिवार्य हिस्सा है, और यदि किसी राज्य सरकार द्वारा खुले तौर पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विरुद्ध कार्य किया जाता है, तो अनुच्छेद 356 के तहत उस सरकार को बर्खास्त करना पूरी तरह न्यायसंगत है। 3. राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, और यदि इस अवधि के दौरान लोकसभा का विघटन हो जाता है, तो यह उद्घोषणा लोकसभा के पुनर्गठन के बाद अपनी पहली बैठक से 30 दिनों की समाप्ति तक अस्तित्व में बनी रहती है, बशर्ते इस बीच इसे राज्यसभा द्वारा अनुमोदित कर दिया गया हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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