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मुन्तख़ब-उत-तवारीख़ के लेखक कौन थे?

Detailed Explanation

बदायूँनी ने 'मुन्तख़ब-उत-तवारीख़' नामक ग्रन्थ की रचना की थी।
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→ भारतीय सिविल सेवा के इतिहास और प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में, वर्ष 1908 में गठित 'रॉयल कमीशन ऑन डिसेंट्रलाइजेशन' (हॉबहाउस आयोग) की सिविल प्रशासन और स्थानीय शासन से संबंधित निम्नलिखित संस्तुतियों पर विचार कीजिए: 1. इस आयोग ने सिफारिश की थी कि जिला कलेक्टर (District Collector) को अपनी प्रशासनिक शक्तियों का विकेंद्रीकरण करते हुए जिला स्तर पर स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के अध्यक्ष के पद से हटा दिया जाना चाहिए। 2. आयोग ने इस बात पर जोर दिया था कि प्रांतीय सरकारों को वित्तीय स्वायत्तता दी जानी चाहिए और स्थानीय निकायों को अपने कर लगाने तथा बजट पारित करने का पूर्ण अधिकार होना चाहिए। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → किस सुल्तान ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित करने का असफल प्रयास किया था? → भारतीय कला, संस्कृति और प्राचीन इतिहास के संदर्भ में, बौद्ध धर्म की महायान (Mahayana) और वज्रयान (Vajrayana) शाखाओं के विकास तथा दार्शनिक मान्यताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महायान बौद्ध धर्म में बुद्ध को एक अलौकिक शक्ति और भगवान के रूप में पूजे जाने की परंपरा शुरू हुई, तथा इसमें 'बोधिसत्व' की अवधारणा का उदय हुआ, जिसमें वे व्यक्ति जो स्वयं निर्वाण प्राप्त करने के योग्य हैं, अन्य जीवों के उद्धार के लिए अपनी मुक्ति को स्थगित कर देते हैं। 2. वज्रयान शाखा, जो मुख्य रूप से गुप्त काल के उत्तरार्ध और पाल काल के दौरान पूर्वी भारत (विशेषकर बंगाल और बिहार) में विकसित हुई, ने तांत्रिक अनुष्ठानों, मंत्रों, मुद्राओं और मंडल (Mandala) के प्रयोग को मुक्ति प्राप्ति के प्राथमिक साधन के रूप में मान्यता दी। 3. बौद्ध धर्म की शून्यवाद (Madhyamaka) विचारधारा के संस्थापक नागार्जुन थे, जिन्होंने यह प्रतिपादित किया कि समस्त वस्तुएं और धर्म 'प्रतीत्यसमुत्पाद' (Dependent Origination) के कारण स्वभावतः शून्य (स्वयं के स्वतंत्र अस्तित्व से रहित) हैं, और इस दार्शनिक दृष्टिकोण को महायान बौद्ध मत का वैचारिक आधार माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → झाँसी का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किस वर्ष हुआ था? → सुमेलित कीजिए: 315-संघ लोक सेवा आयोग, 320-लोक सेवा आयोग के कार्य, 323A-प्रशासनिक अधिकरण, 323B-अन्य अधिकरण।
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