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दिल्ली में 'दीनपनाह' नामक शहर की स्थापना किस शासक ने की थी?

Detailed Explanation

हुमायूँ ने 1533 में दिल्ली में दीनपनाह नामक नए शहर की नींव रखी थी।
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→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्तियों (Pardoning Powers) तथा इससे संबंधित न्यायिक निर्णयों और सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को किसी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने अथवा दंडादेश का निलंबन, परिहार या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है, जिसके लिए दंड ऐसे विषय संबंधी संघ सूची की कार्यकारी शक्ति के विस्तार से बाहर के मामलों में भी दिया गया हो। 2. 'मारू राम बनाम भारत संघ (1980)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 72 के तहत क्षमादान की शक्ति का प्रयोग पूरी तरह से उनके व्यक्तिगत स्वविवेक (Discretionary Power) पर आधारित है, और इस पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह या सहायता (Aid and Advice) का होना संवैधानिक रूप से अनिवार्य नहीं है। 3. 'एकीकृत मानवीय बनाम तमिलनाडु राज्य' तथा अन्य हालिया निर्णयों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है कि यदि राज्यपाल किसी मामले में राज्य सूची के अंतर्गत क्षमादान याचिका पर एक उचित समय सीमा (जैसे कि वर्षों तक) के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 72 के तहत उसी मामले में सीधे हस्तक्षेप करके दोषी की दया याचिका पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति का दायरा व्यापक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 75' और 'अनुच्छेद 164' के अंतर्गत मंत्रियों की नियुक्ति, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा मंत्रिपरिषद की कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 75 (1) के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा, और मंत्रियों के रूप में शपथ लेने वाले व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह नियुक्ति के समय संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का सदस्य हो। 2. मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर केवल प्रधानमंत्री को त्यागपत्र देना पड़ता है, जबकि अन्य मंत्रियों के पद स्वतः समाप्त नहीं होते जब तक कि वे व्यक्तिगत रूप से इस्तीफा न दें। 3. सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुसार, मंत्रिपरिषद की सलाह (Advice) जिसके आधार पर राष्ट्रपति या राज्यपाल अपने कृत्यों का निर्वाह करते हैं, उसे किसी भी न्यायालय में जांच के दायरे में नहीं लाया जा सकता है (अर्थात न्यायिक समीक्षा से उन्मुक्त है)। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21-A) संविधान में किस भाग का हिस्सा है? → किस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में 'लुक ईस्ट पॉलिसी' को 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) में बदल दिया गया? → ऑस्ट्रेलिया ने तमिलनाडु के मंदिरों से चुराई गई किस राजवंश की 3 प्राचीन भारतीय धरोहर वापस लौटाने की घोषणा की है?
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