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संस्कृत गद्य का प्रारंभिक और उत्कृष्ट उदाहरण किस अभिलेख को माना जाता है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
संस्कृत गद्य का प्रारंभिक और उत्कृष्ट उदाहरण रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख (गिरनार शिलालेख) को माना जाता है।
इसकी मुख्य विशेषताएँ:
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ऐतिहासिक महत्व: यह अभिलेख दूसरी शताब्दी ईस्वी (लगभग 150 ईस्वी) का है।
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शैली: यह विशुद्ध संस्कृत गद्य में लिखा गया सबसे पुराना अभिलेख माना जाता है। इससे पहले के अधिकांश अभिलेख प्राकृत भाषा में थे।
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विषय: इसमें शक शासक रुद्रदामन की उपलब्धियों, सुदर्शन झील के जीर्णोद्धार और उनके द्वारा जीते गए क्षेत्रों का विस्तृत विवरण दर्ज है।
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लोकमान्य (Lokmanya) की उपाधि से किसे विभूषित किया गया था?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV-क' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51-क) तथा स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की सिफारिशों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इन्हें वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा सरदार स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुतियों के आधार पर संविधान के भाग IV-क में जोड़ा गया था, जिसमें मूल रूप से 10 मूल कर्तव्य थे, जबकि 11वां मूल कर्तव्य वर्ष 2002 में 86वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से जोड़ा गया।
2. संविधान के अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत उल्लिखित सभी मूल कर्तव्य केवल भारत के नागरिकों पर ही लागू होते हैं, और इनमें से कुछ कर्तव्य प्रकृति में पूर्णतः नैतिक (Moral) हैं जबकि कुछ कर्तव्य नागरिक (Civic) प्रकृति के हैं, किंतु इनमें से कोई भी कर्तव्य न्यायोचित (Justiciable) नहीं है, अर्थात् इनके उल्लंघन पर सीधे तौर पर न्यायालय द्वारा कोई कानूनी दंड या प्रवर्तन स्वतः लागू नहीं किया जाता है, जब तक कि संसद इसके लिए कोई विशिष्ट विधि न बनाए।
3. स्वर्ण सिंह समिति ने मूल रूप से संविधान में आठ मूल कर्तव्यों को शामिल करने की संस्तुति की थी और साथ ही यह भी सिफारिश की थी कि संसद को किसी भी मूल कर्तव्य का पालन न करने या करों का भुगतान न करने पर नागरिकों के लिए दंडात्मक उपाय (Penalties or Punishments) या कर लगाने का प्रावधान करने की शक्ति होनी चाहिए, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार करते हुए 42वें संशोधन अधिनियम में दंड का कड़ा प्रावधान अनिवार्य रूप से शामिल किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 355' और 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत केंद्र के दायित्वों तथा राष्ट्रपति शासन के प्रयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत यह संघ का कर्तव्य है कि वह बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक राज्य की सरकार इस संविधान के उपबंधों के अनुसार चलाई जाए।
2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की उद्घोषणा के प्रभाव के रूप में, राष्ट्रपति राज्य सरकार के कार्यों को अपने हाथ में ले सकता है, लेकिन वह राज्य के उच्च न्यायालय की शक्तियों को अपने हाथ में लेने या उच्च न्यायालय के प्राधिकार को निलंबित करने की शक्ति नहीं रखता है।
3. 'एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' के ऐतिहासिक मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह व्यवस्था दी थी कि अनुच्छेद 356 के तहत राज्य विधानसभा का विघटन केंद्र द्वारा राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद ही किया जा सकता है, उससे पहले नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, भारत में 'केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (Central Pollution Control Board - CPCB) तथा 'जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974' के विधिक एवं संस्थागत प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (CPCB) की स्थापना वर्ष 1974 में 'जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974' के अंतर्गत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक सांविधिक (Statutory) निकाय के रूप में की गई थी।
2. जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अनुसार, CPCB को देश भर में जल निकायों की गुणवत्ता का आकलन करने, प्रदूषण निवारण के लिए मानक तय करने के साथ-साथ किसी भी औद्योगिक इकाई को बिना पूर्व नोटिस के सीधे बंद करने या उसका बिजली-पानी काटने का अप्रत्यक्ष विधिक अधिकार भी प्राप्त है।
3. वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत भी CPCB को वही शक्तियां और कार्य सौंपे गए हैं जो उसे जल अधिनियम के तहत प्राप्त हैं, तथा यह बोर्ड देश में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के निर्धारण और वायु प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों के प्रबंधन के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'ओजोन परत क्षरण' (Ozone Layer Depletion) और 'मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल' (Montreal Protocol) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसे ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों, विशेष रूप से क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), हैलॉन और कार्बन टेट्राक्लोराइड के उत्पादन और खपत को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए अपनाया गया था।
2. 'किगाली संशोधन (Kigali Amendment)' के माध्यम से मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के दायरे का विस्तार किया गया है, जिसके तहत हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) को भी नियंत्रित पदार्थों की सूची में शामिल किया गया है, भले ही HFCs ओजोन परत को सीधे नुकसान नहीं पहुँचाते हैं, किंतु वे अत्यधिक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें हैं।
3. अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन छिद्र (Ozone Hole) के निर्माण के पीछे केवल मानव-निर्मित रसायन ही एकमात्र कारक हैं, और इसमें प्राकृतिक प्रक्रियाएं जैसे ध्रुवीय स्ट्रेटोस्फेरिक बादल (Polar Stratospheric Clouds) या सूर्य के प्रकाश की कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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