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History of India
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ब्रिटिशकालीन भारत के इतिहास में 'संथाल हूल' (1855-56) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. यह विद्रोह केवल अंग्रेजों की भू-राजस्व नीतियों के खिलाफ था और इसमें बाहरी महाजनों (दिकुओं) की कोई भूमिका नहीं थी।
  2. 2. इस विद्रोह के परिणामस्वरुप ब्रिटिश सरकार ने 'संथाल परगना' नामक एक नए जिले का गठन किया।
  3. 3. सिद्धू और कान्हू ने इस विद्रोह का नेतृत्व किया था और इसे 'कार्ल मार्क्स' ने भारत का पहला किसान विद्रोह कहा था।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि संथाल हूल केवल अंग्रेजों की नीतियों के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह स्थानीय महाजनों और व्यापारियों (जिन्हें संथाल 'दिकु' कहते थे) के भीषण आर्थिक शोषण और ऋण जाल के विरुद्ध भी था। कथन 2 सत्य है; विद्रोह के दमन के बाद 1855 में संथाल बहुल क्षेत्रों को मिलाकर 'संथाल परगना' जिले का गठन किया गया और 'संथाल परगना टेनेंसी एक्ट (SPTA)' पारित किया गया। कथन 3 आंशिक रूप से असत्य है; सिद्धू और कान्हू ने नेतृत्व किया था, लेकिन कार्ल मार्क्स ने 'नोट्स ऑन इंडियन हिस्ट्री' में 1857 के विद्रोह को सिपाही विद्रोह कहा था, जबकि संथाल विद्रोह को मार्क्स ने 'भारत का पहला किसान विद्रोह' नहीं कहा था, बल्कि कुछ इतिहासकारों के अनुसार यह एक महत्वपूर्ण आदिवासी जनक्रांति थी। अतः केवल कथन 2 सही है।
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