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Child Development
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जीन पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) प्राप्त कर लेता है?

Detailed Explanation

संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष) के अंत तक बालक यह समझ जाता है कि वस्तुएँ तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे दिखाई न दें।
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→ लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की सबसे सटीक विश्लेषणात्मक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है? → थार्नडाइक के प्रभाव के नियम (Law of Effect), पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) तथा स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के तात्विक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी अनुक्रिया के पश्चात मिलने वाले संतोषजनक परिणाम या पुरस्कार के आधार पर उस व्यवहार को बार-बार दोहराता है, जबकि पावलव के सिद्धांत में अनुबंधन की प्रक्रिया अस्वाभाविक उद्दीपक और स्वाभाविक उद्दीपक के सहचर्च पर निर्भर करती है और स्किनर के सिद्धांत में जीव अपनी स्वैच्छिक क्रियाओं द्वारा पर्यावरण पर नियंत्रण स्थापित करता है; तो इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों और उनके अंतरर्निहित मनोवैज्ञानिक तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है? → शिक्षण में 'सूक्ष्म शिक्षण' (Micro Teaching) का उपयोग मुख्य रूप से किसलिए किया जाता है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के लिए संकलित शिक्षा प्रणाली का क्रियान्वयन करते समय, 'नॉर्मलाइजेशन' (Normalization) और 'डिफ़्यूज़्ड इंटीग्रेशन' (Diffused Integration) की अवधारणाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बालकों द्वारा विकसित किए जाने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक संज्ञानात्मक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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