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स्वतंत्र भारत में प्रशासनिक सुधारों और लोक सेवाओं के अध्ययन के संदर्भ में, वर्ष 1966 में गठित 'प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग' (First Administrative Reform Commission - ARC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस आयोग के प्रथम अध्यक्ष मोरारजी देसाई थे, लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद हनुमानंथैया (K. Hanumanthaiah) को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था।
  2. 2. इस आयोग ने केंद्र और राज्य स्तर पर 'लोकपाल' और 'लोकआयुक्तालय' जैसी संस्थाओं के गठन की जोरदार सिफारिश की थी, ताकि मंत्रियों और उच्च लोक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच की जा सके।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (First ARC) का गठन 5 जनवरी 1966 को मोरारजी देसाई की अध्यक्षता में किया गया था। जब 1967 में मोरारजी देसाई इंदिरा गांधी की सरकार में उप-प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री बने, तब के. हनुमानंथैया को इस आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अतः कथन 1 पूरी तरह सही है। इस आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए केंद्र स्तर पर 'लोकपाल' (Lokpal) और राज्यों के स्तर पर 'लोकायुक्त' (Lokayukta) संस्थाओं की स्थापना की पहली बार व्यापक और स्पष्ट सिफारिश की थी, जिसके दायरे में मंत्रियों और सचिवों जैसे उच्च पदस्थ लोक सेवक भी आने थे। अतः कथन 2 भी सही है। इसलिए सही उत्तर विकल्प (c) है।
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