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Civil services
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ब्रिटिश भारत में सिविल सेवाओं के विकास और प्रशासनिक नियंत्रण के संदर्भ में, वर्ष 1943 में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सर मॉरिस ग्वेयर (Sir Maurice Gwyer) की अध्यक्षता में गठित 'ग्वेयर समिति' (Gwyer Committee) या अन्य सेवा समितियों से इतर, वर्ष 1946 में गठित 'अखिल भारतीय सेवा समिति' (All India Services Committee) अथवा 'सप्रे समिति' के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस समिति ने ब्रिटिश भारत और रियासतों (Princely States) के एकीकरण के बाद एक समान अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के गठन की रूपरेखा तैयार की थी, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल का पूर्ण समर्थन प्राप्त था।
  2. 2. इस समिति की संस्तुतियों के आधार पर ही भारत के संविधान के लागू होने से ठीक पहले, वर्ष 1947 में 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' (IAS) और 'भारतीय पुलिस सेवा' (IPS) के अधिकारियों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए 'ग्वेयर-पटेल समझौते' (Gwyer-Patel Agreement) को लागू किया गया था।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है: वर्ष 1946 में केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों के बीच सिविल सेवा के पुनर्गठन और अखिल भारतीय सेवाओं (IAS और IPS) के सृजन पर विचार करने के लिए सितंबर 1946 में एक सम्मेलन आयोजित किया गया था, न कि सर मॉरिस ग्वेयर की अध्यक्षता वाली किसी 'ग्वेयर समिति' ने रियाسतों के एकीकरण के बाद इस प्रकार की कोई विशेष रूपरेखा तैयार की थी। ग्वेयर समिति मुख्य रूप से संघीय न्यायालय और अन्य संवैधानिक मामलों से संबंधित थी। कथन 2 असत्य है: 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' (IAS) और 'भारतीय पुलिस सेवा' (IPS) के गठन तथा उनके वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों (जैसे कि सचिव स्तर के पद और सुरक्षा) को अंतिम रूप देने के लिए अक्टूबर 1946 में आयोजित premiers' conference (मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री सम्मेलन) और सरदार पटेल की दूरदर्शिता की मुख्य भूमिका थी, न कि किसी 'ग्वेयर-पटेल समझौते' (Gwyer-Patel Agreement) का औपचारिक अस्तित्व था। अतः दोनों कथन गलत हैं।
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