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MPTET
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बुद्धिमत्ता के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रतिपादक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के अनुसार, यदि किसी बौद्धिक कार्य में 'मूर्त वस्तुओं के प्रतीकों या आकृतियों के अर्थ को समझना और उनका वर्गीकरण करना' शामिल है, तो गिलफोर्ड के बुद्धि के घन (Intellect Cube) के आयामों के अनुसार यह मानसिक प्रक्रिया बौद्धिक संक्रिया (Operation), अंतर्वस्तु (Content) और उत्पाद (Product) के किस सटीक संयोजन को दर्शाती है?

Detailed Explanation

जे.पी. गिलफोर्ड के त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल के अनुसार, बुद्धि को तीन स्वतंत्र आयामों में वर्गीकृत किया गया है: संक्रिया (Operations - 5), अंतर्वस्तु (Contents - 5), और उत्पाद (Products - 6)। जब कोई व्यक्ति मूर्त वस्तुओं या आकृतियों (जैसे प्रतीकों या चित्रों) को देखकर उनके अर्थ को समझता है, तो गिलफोर्ड के वर्गीकरण में यह 'आकृतिमूलक' (Figural) अंतर्वस्तु के अंतर्गत आता है। किसी वस्तु के अर्थ को समझना 'संज्ञान' (Cognition) संक्रिया से संबंधित है, और जब उन आकृतियों या वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर समूहीकृत या वर्गीकृत किया जाता है, तो यह उत्पाद के रूप में 'वर्ग' (Classes) का निर्माण करता है। अतः सही संयोजन संज्ञान (संक्रिया), आकृतिमूलक (अंतर्वस्तु), और वर्ग (उत्पाद) है।
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