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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, एक परिस्थिति का अधिगम दूसरी परिस्थिति में तब सबसे अधिक सहायक होता है जब दोनों परिस्थितियों में निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति अनिवार्य रूप से समान होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड थॉर्नडाइक के 'समान तत्वों के सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, अधिगम का स्थानांतरण तभी संभव और प्रभावी होता है जब पूर्व अधिगम की परिस्थिति और नई अधिगम की परिस्थिति के बीच विषय-वस्तु के तत्व (Elements), कार्य करने की प्रक्रियाएँ (Procedures), और दृष्टिकोण (Attitudes) समान होते हैं। थॉर्नडाइक के अनुसार, जितनी अधिक समानता इन तत्वों में होगी, स्थानांतरण की मात्रा उतनी ही अधिक होगी।
Related Questions
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बुद्ध की उपदेश स्थली और बौद्ध धर्म से जुड़े उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सारनाथ (Sarnath) - वाराणसी जिला (यहाँ गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश 'धम्मचक्र प्रवर्तन' दिया था और यहीं से अशोक का प्रसिद्ध सिंह स्तंभ प्राप्त हुआ है)
2. कुशीनगर (Kushinagar) - कुशीनगर जिला (यह मल्ल गणराज्य की राजधानी थी जहाँ बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ था और यहीं रामभर स्तूप स्थित है)
3. श्रावस्ती (Shravasti) - श्रावस्ती जिला (यहाँ बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक वर्षावास बिताए थे और यहीं 'अंगुलिमाल' को उपदेश देकर सुधारा था)
4. संकिसा (Sankissa) - फर्रुखाबाद जिला (यह वही स्थान है जहाँ बुद्ध अपनी माता को उपदेश देने के बाद स्वर्ग से आकाश मार्ग द्वारा यहाँ उतरे थे)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और अपवाह तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नदी 'गंगा' राज्य में बिजनौर जिले से प्रवेश करती है और बलिया जिले से बिहार राज्य में प्रवेश करती हुई आगे बढ़ती है, तथा राज्य के कुल 28 जिलों से होकर गुजरती है।
2. चंबल नदी मध्य प्रदेश के महू (विंध्य पर्वतमाला) से निकलकर इटावा जिले के पास यमुना नदी में मिलती है, और यह नदी अपने मार्ग में घोर अवनलिका अपरदन (Gully Erosion) तथा गहरे खड्डों (बीहड़) के निर्माण के लिए कुख्यात है।
3. गोमती नदी का उद्गम स्थल पीलीभीत जिले की फुलहर झील (मदहोट ताल) है, जो एक मैदानी नदी है और यह गाजीपुर जिले के कैथी नामक स्थान पर गंगा नदी में मिल जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और गुरुकुल पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुरुकुल शिक्षा प्रणाली में अध्ययन की शुरुआत 'उपनयन संस्कार' के साथ होती थी, जिसके बाद छात्र को 'द्विज' (दूसरा जन्म लेने वाला) कहा जाता था और उसे शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से गुरु के गृह (आश्रम) में निवास करना पड़ता था।
2. प्राचीन वैदिक शिक्षा में पाठ्यक्रम का मुख्य आधार चार वेद, वेदांग, ज्योतिष, कल्प, व्याकरण और निरुक्त थे, तथा उस समय शिक्षा का माध्यम संस्कृत भाषा थी, जिसे मौखिक रूप से कंठस्थ (श्रुति परंपरा) कराया जाता था।
3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र 'समाप्रवर्तन संस्कार' (Diakshant Samaroh) के माध्यम से अपनी शिक्षा समाप्त करता था, जिसके उपरांत वह 'स्नातक' या 'गृहस्थ आश्रम' में प्रवेश करने का अधिकारी बनता था।
4. वैदिक काल और सूत्र काल में महिलाओं के लिए शिक्षा का पूर्ण प्रतिबंध था, और इतिहास में एक भी ऐसी विदुषी महिला का उल्लेख नहीं मिलता जिसने वेदों के मंत्रों की रचना की हो या गुरुकुल में उच्च शिक्षा प्राप्त की हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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समाजीकरण की प्रक्रिया में प्राथमिक एजेंसी किसे माना जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास एक निरंतर और क्रमिक प्रक्रिया है जो अवस्थाओं (Stages) के माध्यम से आगे बढ़ती है, और मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) में बालक 'संरक्षण' (Conservation) तथा 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता अर्जित कर लेता है।
2. पियाजे के सिद्धांत की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) में किशोरावस्था के दौरान 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive reasoning) और अमूर्त चिंतन की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है।
3. लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) स्तर के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार चरण में व्यक्ति कानून को समाज के कल्याण के लिए परिवर्तनशील और तार्किक मानता है।
4. कोहलवर्ग के अनुसार, नैतिक विकास के सभी चरण सार्वभौमिक और अपरिवर्तनीय क्रम में होते हैं, तथा कोई भी व्यक्ति किसी भी अवस्था को छोड़े बिना समान दिशा में आगे बढ़ता है, भले ही सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कारक गति को प्रभावित कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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