त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) और आर.एस. वुडवर्थ (R.S. Woodworth) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, एक परिस्थिति में प्राप्त ज्ञान, कौशल या आदतें दूसरी परिस्थिति में तब सबसे अधिक और सुगमता से स्थानांतरित होती हैं, जब दोनों परिस्थितियों के बीच निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति सबसे अधिक विद्यमान होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से 'अधिगम स्थानांतरण' का 'समान तत्वों का सिद्धांत' एडवर्ड थार्नडाइक और वुडवर्थ द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार, एक क्षेत्र में सीखा गया ज्ञान या कौशल दूसरी परिस्थिति में तभी प्रभावी रूप से स्थानांतरित होता है जब दोनों परिस्थितियों में कुछ तत्व (जैसे- विषय-वस्तु, विधियाँ, सिद्धांत या कार्यप्रणाली) समान (Identical) होते हैं। जितनी अधिक समानता इन तत्वों में होगी, अधिगम का स्थानांतरण उतना ही अधिक और सुगम होगा। अतः विकल्प 'b' सबसे सटीक और सही उत्तर है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - कार्यकारी नियंत्रण और योजना), 'Mirror Neuron System' (MNS - अवलोकन और अनुकरण के माध्यम से सीखना), और 'Anterior Cingulate Cortex' (ACC - सामाजिक संज्ञान और त्रुटि निगरानी) के बीच अंतःक्रियात्मक सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर और वायगोत्स्की के विचारों के अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोसियोकल्चरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocultural Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation), सहयोगात्मक समस्या-समाधान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा में विशिष्ट बालकों की पहचान और निर्देशन' (Identification and Guidance of Exceptional Children) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'एकाग्रता न्यूनता अतिसक्रियता विकार' (ADHD - Attention Deficit Hyperactivity Disorder) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'फ्रंटोपैराइटल अटेंशन नेटवर्क' (Frontoparietal Attention Network) के बीच कार्यकारी कार्यप्रणाली शिथिलता (Executive Dysfunction), नॉरएपिड्रेनलिन/डोपामाइन असंतुलन, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा राॅबर्ट गेने (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपान' (Conditions of Learning) सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटेंशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attention Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आत्म-नियमन (Self-Regulation), संरचनात्मक निर्देश (Structured Instruction) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय निम्नलिखित में से किस चरण को सबसे अधिक तार्किक और वैज्ञानिक माना जाता है, जो विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS) का विकास करता है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) और उनके प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycles) के अंतर्गत वायुमंडल या जलमंडल मुख्य भंडार (Reservoir) होते हैं, जिसके प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र, कार्बन चक्र और ऑक्सीजन चक्र हैं, तथा ये चक्र वैश्विक स्तर पर संचालित होते हैं।
2. 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycles) के अंतर्गत पृथ्वी की भूपर्पटी (Lithosphere) मुख्य भंडार होती है, और इसके प्रमुख उदाहरण फास्फोरस चक्र, गंधक (सल्फर) चक्र और कैल्शियम चक्र हैं, जो गैसीय चक्रों की तुलना में धीमी गति से चलते हैं।
3. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (Unidirectional) होता है, जो ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर जाने पर लगातार क्षय होता है, जबकि पोषक तत्वों (Nutrients) का पुनर्चक्रण होता रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Moral Development Theory) और इसके 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों (चरण 5 और चरण 6) की प्रमुख विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस स्तर के पाँचवें चरण ('सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' - Social Contract and Individual Rights) में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते का परिणाम हैं, इसलिए यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बहुसंख्यक कल्याण की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसमें विवेकपूर्ण तरीके से बदलाव किया जा सकता है।
2. छठे चरण ('सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' - Universal Ethical Principles) में व्यक्ति किसी बाहरी सामाजिक दबाव या कानूनी दंड के भय से नहीं, बल्कि अपने स्वयं के चुने हुए उन अंतरात्मा के सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे न्याय, मानवाधिकार, और मानव जीवन की गरिमा) के आधार पर नैतिक निर्णय लेता है, भले ही वे नियम मौजूदा कानूनों के विरुद्ध क्यों न हों।
3. कोहलवर्ग के अनुसार नैतिक विकास के इस सर्वोच्च उत्तर-रूढ़िगत स्तर पर अधिकांश किशोर और वयस्क अपने जीवन के व्यावहारिक अनुभवों के कारण स्वतः पहुँच जाते हैं, और इस अवस्था की मुख्य विशेषता यह होती है कि इसमें नैतिक तर्क पूरी तरह से पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और अधिकार बनाए रखने पर केंद्रित हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.