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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्वितत्त्व सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा 1904 में प्रतिपादित इस सिद्धांत के अनुसार, 'सामान्य बुद्धि' (g-factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (s-factor) के अतिरिक्त स्पीयरमैन ने अपने बाद के शोधों में मानसिक कार्यों के संगठन को स्पष्ट करने के लिए किस अन्य तीसरे घटक का भी आंशिक रूप से उल्लेख किया था?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से बुद्धि के सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। चार्ल्स स्पीयरमैन ने अपने 'द्वितत्त्व सिद्धांत' (Two-Factor Theory) में मुख्य रूप से दो कारकों - 'सामान्य कारक' (g-factor) और 'विशिष्ट कारक' (s-factor) का प्रतिपादन किया था। हालांकि, अपने बाद के अध्ययनों और आलोचनाओं के उत्तर में, स्पीयरमैन और अन्य सहयोगियों ने यह स्वीकारा कि कुछ विशिष्ट मानसिक क्रियाओं में कुछ ऐसे कारक भी सम्मिलित होते हैं जो पूरी तरह से 'g' या 's' के अंतर्गत नहीं आते, जिन्हें उन्होंने 'समूह कारक' (Group Factors) के रूप में मान्यता दी, जो कई मानसिक क्षमताओं में समान रूप से साझा किए जाते हैं।
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