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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट बालकों के अधिगम' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय परियोजना' (Project Re-Ed) का मुख्य उद्देश्य गंभीर रूप से संवेगात्मक रूप से विक्षिप्त (Emotionally Disturbed) या व्यवहार संबंधी समस्याओं वाले बालकों के पुनर्वास के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य मनोवैज्ञानिक पद्धति पर आधारित था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक अध्ययन में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा 1960 के दशक में शुरू की गई 'प्रोजेक्ट री-एड' (Project Re-Ed - Re-Education of Emotionally Disturbed Children) एक बेहद महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय दृष्टिकोण है। इसके तहत यह माना गया कि संवेगात्मक और व्यवहारिक समस्याओं से ग्रस्त बच्चों के सुधार के लिए उनके जीवन से जुड़े प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों—जैसे परिवार, विद्यालय और समुदाय—को एक साथ जोड़कर समन्वित प्रयास करने चाहिए, न कि बच्चों को समाज से अलग-थलग करना चाहिए। अतः विकल्प (b) इस प्रश्न का सबसे सटीक और वैज्ञानिक उत्तर है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में 'महाजनपद काल' और वर्तमान प्रशासनिक भूगोल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन काल के 'छःवीं शताब्दी ईसा पूर्व' (6th Century BCE) के 16 महाजनपदों में से वर्तमान उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में कुल 8 महाजनपद (जैसे- कुरु, पांचाल, शूरसेन, वत्स, मल्ल, काशी, कोशल और चेदि) स्थित थे, जो राज्य के प्राचीन ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश का वर्तमान 'शूरसेन महाजनपद' क्षेत्र भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में प्रसिद्ध था, और यहीं पर सम्राट अशोक ने प्रसिद्ध बौद्ध स्तूपों का निर्माण करवाया था।
3. प्राचीन 'वत्स महाजनपद' की राजधानी 'कौशांबी' थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र था और यह बौद्ध तथा जैन धर्म दोनों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (जिसमें भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीत, शारीरिक-गतिकी, अंतःव्यक्तिगत, अंतर्व्यक्तिगत और प्रकृतिवादी बुद्धि शामिल हैं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों जैसे 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'ऑक्सीपिटल-पैरिएटल नेटवर्क' (Occipital-Parietal Network), और 'सेरिबैलम व मोटर कॉर्टेक्स' के बीच विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन मॉड्यूलरिटी (Modular Cognitive Processing), कार्यात्मक तंत्रिका पृथक्करण (Functional Neural Specialization), और समानांतर प्रसंस्करण (Parallel Processing) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'बुद्धि के त्रिचापीय सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मल्टीपल इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Multiple Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत शक्तियों के पहचान, विभेदित निर्देश रणनीतियों (Differentiated Instruction Strategies) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन (President's Rule) अब तक कुल 10 बार लगाया जा चुका है, और राज्य में पहली बार राष्ट्रपति शासन वर्ष 1968 में (चौधरी चरण सिंह के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद) लागू हुआ था।
2. उत्तर प्रदेश से अब तक कुल 8 व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री (चाहे पूर्णकालिक हों या कार्यवाहक) के पद पर आसीन हो चुके हैं, जिसमें चौधरी चरण सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर और अटल बिहारी वाजपेयी (जो लखनऊ से सांसद थे) प्रमुख हैं।
3. राज्य में लोकायुक्त अधिनियम सर्वप्रथम वर्ष 1975 में पारित किया गया था, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रथम लोकायुक्त न्यायमूर्ति विशंभर दयाल थे, और वर्तमान में लोकायुक्त का कार्यकाल बढ़ाकर 8 वर्ष कर दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के पदानुक्रमित और बहु-मानसिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'पदानुक्रमित बुद्धि सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'मौखिक-शैक्षणिक' (Verbal-Educational) और 'स्थानिक-यांत्रिक' (Spatial-Mechanical) प्रमुख समूहों तथा उनके उप-कारकों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा लुईस थर्स्टन (Louis Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'प्राथमिक मानसिक योग्यता सिद्धांत' (Primary Mental Abilities Theory) के अंतर्गत सात स्वतंत्र कारकों (जैसे संख्यात्मक, मौखिक बोध, स्थानिक और तार्किक स्मृति) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक क्षमताओं के संतुलित विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाली अंतिम अवस्था यानी 'विवेक की सार्वभौमिक नीतिपरक अवस्था' (Universal Ethical Principle Orientation) की सबसे मुख्य और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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