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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के पदानुक्रमित और बहु-मानसिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'पदानुक्रमित बुद्धि सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'मौखिक-शैक्षणिक' (Verbal-Educational) और 'स्थानिक-यांत्रिक' (Spatial-Mechanical) प्रमुख समूहों तथा उनके उप-कारकों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा लुईस थर्स्टन (Louis Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'प्राथमिक मानसिक योग्यता सिद्धांत' (Primary Mental Abilities Theory) के अंतर्गत सात स्वतंत्र कारकों (जैसे संख्यात्मक, मौखिक बोध, स्थानिक और तार्किक स्मृति) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक क्षमताओं के संतुलित विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
फिलिप वर्नोन का पदानुक्रमित बुद्धि सिद्धांत (Hierarchical Theory) और लुईस थर्स्टन का प्राथमिक मानसिक योग्यता सिद्धांत (Primary Mental Abilities Theory) दोनों ही बुद्धि की बहुआयामी प्रकृति को समझने में महत्वपूर्ण हैं। वर्नोन ने स्पीयरमैन के 'g' कारक और थर्स्टन के बहु-कारकों के बीच की खाई को पाटते हुए एक पदानुक्रम प्रस्तुत किया जिसमें शीर्ष पर सामान्य कारक (g) और नीचे प्रमुख समूह (v:ed और k:m) तथा विशिष्ट कारक होते हैं। थर्स्टन के सात प्राथमिक कारक (जैसे मौखिक बोध, संख्यात्मक क्षमता, स्थानिक संबंध आदि) इन पदानुक्रमित संरचनाओं में पूरी तरह समाहित हो जाते हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में, ये सिद्धांत शिक्षकों को विभिन्न विद्यार्थियों की विशिष्ट संज्ञानात्मक क्षमताओं (Strengths) की पहचान करने तथा उनके अनुसार 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और बहु-संवेदी शिक्षण रणनीतियों को डिजाइन करने में मदद करते हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और सिद्धांतों' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत चार प्रमुख अवस्थाओं—'संवेदी गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage), 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage), 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage), और 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage)—के न्यूरो-कॉग्निटिव स्वरूप, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'चान्स्कैफोल्डिंग/मचान' (Scaffolding), और 'समीपस्थ आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके शैक्षिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की सबसे सटीक पहचान करती है?
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1. NCF-2005 के अनुसार गणित शिक्षण का उच्च उद्देश्य बच्चे की वैचारिक प्रक्रियाओं को परिष्कृत करना और उसे तार्किक रूप से सोचने तथा समस्याओं का समाधान करने के लिए अमूर्त चिंतन की क्षमता विकसित करना है, न कि केवल संख्यात्मक गणनाओं में पारंगत करना।
2. 'गणितीकृतीकरण' का तात्पर्य बालक को केवल गणितीय सूत्र और कलन विधि (Algorithms) रटाना है, ताकि वह व्यावसायिक परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त कर सके।
3. NCF इस बात पर जोर देता है कि गणित का पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो बच्चों को दैनिक जीवन की वास्तविक समस्याओं से जोड़ सके और उन्हें अपने विचारों को सटीक रूप से व्यक्त करने की भाषा प्रदान कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य संरचना' के संदर्भ में, 'अर्थ की दृष्टि से वाक्य के भेद' और 'रचना की दृष्टि से वाक्य के भेद' के सही वर्गीकरण को पहचानिए:
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD - Zone of Proximal Development) और 'चान्स्कड मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'एterior सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) और 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) के बीच भाषा मध्यस्थता, कार्यकारी नियंत्रण और सामाजिक-संज्ञानात्मक आंतरिककरण की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) की 'स्कैफोल्डिंग अवधारणा' और सांस्कृतिक उपकरणों (Cultural Tools) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक और सामाजिक-रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Social-Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमित शिक्षण (Self-Regulated Learning), उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कार्यों व संवाद-आधारित समस्या-समाधान के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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