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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा विकसित '16PF' (16 Personality Factor Questionnaire) परीक्षण में, कैटल ने सतही शील गुणों (Surface Traits) और मूल शील गुणों (Source Traits) के बीच अंतर किया है। कैटल द्वारा 'स्त्रोत शील गुणों' (Source Traits) को मापने और उनका वर्गीकरण करने के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य सांख्यिकी तकनीक (Statistical Technique) का व्यापक उपयोग किया गया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के बाल विकास और मनोविज्ञान खंड के दृष्टिकोण से, रेमंड कैटल (Raymond Cattell) का व्यक्तित्व का शील गुण सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण है। कैटल ने अपने अध्ययन में व्यक्ति के व्यक्तित्व को गहराई से समझने के लिए 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) नामक उन्नत सांख्यिकी तकनीक का उपयोग करके बड़ी संख्या में सतही शील गुणों (Surface Traits) को समूहीकृत किया और अंततः 16 बुनियादी 'मूल शील गुणों' (Source Traits) की पहचान की, जिन्हें उन्होंने '16PF' प्रश्नावली के माध्यम से मापा। अतः विकल्प (b) 'कारक विश्लेषण' इस प्रश्न का सही उत्तर है।
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, प्रमुख पक्षी विहारों और उनके स्थापना वर्षों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का प्रथम पक्षी विहार 'नवाबगंज पक्षी विहार' (वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) उन्नाव जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी और यह राज्य का पहला अधिसूचित पक्षी विहार है।
2. 'समसपुर पक्षी विहार' रायबरेली जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी, तथा यह प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख संरक्षित आद्रभूमि क्षेत्र है।
3. 'बखिरा पक्षी विहार' गोरखपुर जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता दी गई है, और इसकी स्थापना वर्ष 1995 में की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास नैतिक विकास के किस स्तर से संबंधित है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा प्रकार और कृषि जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली स्थानीय मृदा को 'मार', 'भाबर', 'परुवा' और 'राकर' के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जिसमें 'मार' मृदा एक प्रकार की काली उपजाऊ मिट्टी है जो नमी को लंबे समय तक बनाए रखती है।
2. भारत के योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा कृषि जलवायु क्षेत्रों के निर्धारण के आधार पर उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की वर्षा, तापमान और मृदा की भिन्नता को दर्शाते हैं।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ने पर मृदा की कंकरीली और पथरीली प्रकृति बढ़ती जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र कृषि के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त और बंजर माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के मनोविश्लेषण और शील गुण सिद्धांतों' के संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'मनोवैज्ञानिक रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) के अंतर्गत 'युक्तिकरण' (Rationalization) और 'प्रक्षेपण' (Projection) की अचेतन सुरक्षात्मक रणनीतियों के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित 'शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory) के अंतर्गत 'प्रमुख शील गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), और 'द्वितीयक शील गुण' (Secondary Traits) के वर्गीकरण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बाल समायोजन और विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, खनिज संसाधनों और औद्योगिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी भाग (बुंदेलखंड और सोनभद्र क्षेत्र) में राज्य के अधिकांश खनिज जैसे कोयला, चूना पत्थर, डायस्पोर, और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले पाए जाते हैं, क्योंकि यहाँ की चट्टानें प्राचीन गोंडवाना और विंध्ययन क्रम की हैं।
2. मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में प्रचुर मात्रा में मिलने वाले चूना पत्थर का उपयोग मुख्य रूप से सीमेंट उद्योग (जैसे चुर्क, डाला और चील्ह) में किया जाता है, जबकि सोनभद्र के गुरमा और कचनार क्षेत्र सोन नदी घाटी में डोलोमाइट के लिए प्रसिद्ध हैं।
3. उत्तर प्रदेश सरकार की खनिज नीति के अनुसार, मिर्जापुर, सोनभद्र, बांदा और ललितपुर जिलों को 'आधिकारिक खनिज बहुल जिले' (Mineral-rich Districts) घोषित किया गया है, जहाँ खनिज अन्वेषण और रॉयल्टी संग्रह से राज्य के राजस्व में वृद्धि होती है।
4. ललितपुर जिला उत्तर प्रदेश में तांबा, यूरेनियम, रॉक फॉस्फेट और प्लैटिनम जैसे दुर्लभ खनिजों के प्रमुख भंडार के रूप में जाना जाता है, जहाँ यूरेनियम के सीमित भंडार के अन्वेषण का कार्य किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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