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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और अवस्थाएं' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के आठ चरणों में से पाँचवें चरण यानी 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

एरिक एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास सिद्धांत के अनुसार, पाँचवा चरण किशोरावस्था (लगभग 12 से 18 वर्ष) में प्रकट होता है, जिसे 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) कहा जाता है। इस चरण में किशोर अपने व्यक्तिगत मूल्यों, मान्यताओं, और भविष्य के लक्ष्यों को एकीकृत करके एक सुसंगत पहचान बनाने का प्रयास करते हैं। यदि वे इसमें सफल नहीं होते हैं, तो उन्हें भूमिका का भ्रम (Role Confusion) का सामना करना पड़ता है। अतः विकल्प (b) सही और सबसे अधिक प्रामाणिक कथन है।
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