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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और अवस्थाएं' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के आठ चरणों में से पाँचवें चरण यानी 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एरिक एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास सिद्धांत के अनुसार, पाँचवा चरण किशोरावस्था (लगभग 12 से 18 वर्ष) में प्रकट होता है, जिसे 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) कहा जाता है। इस चरण में किशोर अपने व्यक्तिगत मूल्यों, मान्यताओं, और भविष्य के लक्ष्यों को एकीकृत करके एक सुसंगत पहचान बनाने का प्रयास करते हैं। यदि वे इसमें सफल नहीं होते हैं, तो उन्हें भूमिका का भ्रम (Role Confusion) का सामना करना पड़ता है। अतः विकल्प (b) सही और सबसे अधिक प्रामाणिक कथन है।
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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा परियोजनाओं, खनिज संपदा और औद्योगिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश का प्रमुख यूरेनियम भंडार पाया जाता है, तथा इसी जिले में 'रोहिणी' और 'जामिनी' जैसी नदियाँ बहती हैं जो बेतवा नदी की सहायक नदियाँ हैं।
2. उत्तर प्रदेश में 'ओबरा' तापीय विद्युत परियोजना सोनभद्र जिले में स्थित है, जिसे रूस के सहयोग से स्थापित किया गया था और यह रिहंद जलविद्युत परियोजना के निकट स्थित है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में कांच बालू (Glass Sand) के उत्पादन में बांदा और इलाहाबाद (प्रयागराज) जिले अग्रणी हैं, जबकि 'चूना पत्थर' का मुख्य उत्पादन सोनभद्र के कजराहट और गुरमा क्षेत्रों से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण में 'ऐतिहासिक साक्ष्यों के समालोचनात्मक विश्लेषण' (Critical Analysis of Historical Evidence) और ऐतिहासिक अनुसंधान के संदर्भ में, प्राथमिक या प्रत्यक्ष स्रोत (Primary Sources) और द्वितीयक स्रोत (Secondary Sources) के बीच अंतर स्पष्ट करते समय निम्नलिखित में से किस विकल्प को एक 'प्राथमिक स्रोत' के रूप में सबसे प्रामाणिक माना जाएगा?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता संरक्षण' (Biodiversity Conservation) के दृष्टिकोण से, 'स्व-स्थाने संरक्षण' (In-situ Conservation) और 'बाह्य-स्थाने संरक्षण' (Ex-situ Conservation) के बीच मुख्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्व-स्थाने संरक्षण के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) में ही किया जाता है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य और जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र आते हैं। 2. बाह्य-स्थाने संरक्षण के तहत संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर एक विशेष रूप से प्रबंधित कृत्रिम वातावरण में संरक्षित किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण वनस्पति उद्यान (Botanical Gardens), चिड़ियाघर (Zoos) और जीन बैंक (Gene Banks) हैं। 3. 'रेड डेटा बुक' (Red Data Book) का प्रकाशन करने वाली संस्था 'IUCN' मुख्य रूप से केवल बाह्य-स्थाने संरक्षण क्षेत्रों का प्रबंधन करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी व्याकरण के अंतर्गत 'वाच्य' (Voice) के भेदों के संदर्भ में, जब क्रिया का मुख्य संबंध वाक्य में प्रयुक्त 'कर्म' से होता है और क्रिया के लिंग, वचन तथा पुरुष कर्म के अनुसार बदलते हैं, तब वहाँ कौन सा वाच्य होता है तथा निम्नलिखित में से उसका एक उपयुक्त उदाहरण कौन सा है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रक्रिया और त्रुटियाँ' (Learning Process and Error Analysis) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन या अधिविज्ञान' (Metacognition: मेटाकॉग्निटिव ज्ञान और मेटाकॉग्निटिव विनियमन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'रोस्ट्राल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Rostral Prefrontal Cortex - Brodmann Area 10), और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि संवेदनशीलता (Error Detection), और संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) और बर्ट्रेंड रसेल के 'चिंतन के नियमन व आंतरिक वाक् नियंत्रण' (Regulation of Thought & Inner Speech Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेटाकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Metacognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में त्रुटियों के अर्थपूर्ण विश्लेषण (Error as a Learning Opportunity), स्वावलंबन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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