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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक' के संदर्भ में, विशेष रूप से 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (Autism Spectrum Disorder - ASD) से ग्रसित बालकों की मुख्य मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) एक तंत्रिका-विकास संबंधी विकार (Neurodevelopmental Disorder) है। इसकी मुख्य विशेषताओं में सामाजिक संपर्क और संप्रेषण (Communication) में कठिनाई, तथा एक ही प्रकार के व्यवहार या गतिविधियों को बार-बार दोहराना (Repetitive Behaviors) शामिल है। ऐसे बालकों को अक्सर संवेदी प्रसंस्करण में असामान्यता का सामना करना पड़ता है और वे दृश्य संकेतों (Visual Supports) के माध्यम से सबसे अच्छा सीखते हैं। अतः विकल्प (A) इस संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र एवं सिद्धांत' के संदर्भ में, एडविन गुथरी (Edwin Guthrie) द्वारा प्रतिपादित 'समीप्यता का अधिगम सिद्धांत' (Contiguity Theory of Learning) के मुख्य निष्कर्ष के अनुसार, उद्दीपक (Stimulus) और प्रतिक्रिया (Response) के बीच साहचर्य स्थापित होने के लिए निम्नलिखित में से किस शर्त या कारक को सबसे अधिक अनिवार्य और पर्याप्त माना गया है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास एक निरंतर प्रक्रिया न होकर चरणों में होने वाली क्रमिक और गुणात्मक रूप से भिन्न प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक बालक अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करके अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करता है।
2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता विकसित हो जाती है, किंतु वे अमूर्त या काल्पनिक तर्कों पर आधारित समस्याओं को हल करने में असमर्थ होते हैं।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) इस सिद्धांत की अंतिम अवस्था है, जिसमें किशोरावस्था से प्रारंभ होकर 'निगमनात्मक तर्क' (Deductive Reasoning) और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमता पूरी तरह से विकसित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास की अवस्थाएँ' (Stages of Child Development) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के आठ चरणों में से, उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जोशोभावस्था (Adolescence) के दौरान आता है, जिसमें किशोर अपने भविष्य के भूमिका मॉडलों, मूल्यों और आत्म-पहचान (Identity) को स्थापित करने के लिए संघर्ष करते हैं, तथा इस चरण के दौरान सफलतापूर्वक समाधान न होने पर निम्नलिखित में से किस नकारात्मक मनोवैज्ञानिक संकट या भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के सिद्धांत (Theories of Personality)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory: इड, एगो और सुपरएगो का संरचनात्मक मॉडल) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System / Amygdala), 'वेंट्रोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (VLPFC), और 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच आदिम आवेग नियंत्रण (Primitive Impulse Control), नैतिक दमन (Moral Repression), और कार्यकारी निर्णय लेने की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान' (Analytical Psychology: व्यक्तिगत और सामूहिक अचेतन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक संतुलन, आंतरिक अनुशासन व समग्र व्यक्तित्व विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बच्चों के सामाजिक विकास (Social Development) के संदर्भ में, 'जीन पियाजे' और 'लेव वायगोत्स्की' के सिद्धांतों के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मुख्य अंतर स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है?
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