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Child Development
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बुद्धि लब्धि (IQ) का सूत्र किसने संशोधित किया?

Detailed Explanation

विलियम स्टर्न के सूत्र में 100 से गुणा करके उसे संशोधित रूप लुईस टर्मन ने दिया।
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→ गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत (Trait Theory) के अंतर्गत, 'शीलगुणों' का वर्गीकरण कार्डिनल (Cardinal), सेंट्रल (Central), और सेकेंडरी (Secondary) श्रेणियों में किया गया है। यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के लगभग हर कार्य, विचार और व्यवहार में असाधारण रूप से 'अहिंसा' या 'सत्ता-लोलुपता' जैसी एक ही प्रमुख प्रवृत्ति से पूरी तरह निर्देशित होता है और उसका संपूर्ण चरित्र उसी के इर्द-गिर्द घूमता है, तो ऑलपोर्ट के वर्गीकरण के अनुसार इस विशिष्ट शील गुण को किस श्रेणी में रखा जाएगा? → कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) को प्रभावी बनाने के लिए क्या आवश्यक है? → शैक्षणिक मनोविज्ञान में अभिप्रेरणा (Motivation) के संदर्भ में, एडवर्ड डीसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory - SDT) के अंतर्गत 'आंतरिक अभिप्रेरणा' (Intrinsic Motivation) को पोषित करने वाली तीन बुनियादी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताएं—स्वायत्तता (Autonomy), सक्षमता (Competence), और संबद्धता (Relatedness)—तथा बाहरी पुरस्कारों के प्रभाव से उत्पन्न होने वाली 'अति-औचित्य प्रभाव' (Overjustification Effect) की तात्विक और कार्यात्मक प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के नैदानिक वर्गीकरण का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब किसी शिक्षार्थी को गणितीय गणनाओं, संख्याओं के स्थानिक संगठन, गणितीय प्रतीकों (चिन्हों) को पहचानने तथा मौखिक समस्याओं को समीकरणों में बदलने में गंभीर और सतत कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जबकि उसकी सामान्य बुद्धि लब्धि (IQ) और पठन-लेखन क्षमता पूरी तरह सामान्य होती है, तो यह विशिष्ट तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकार निम्नलिखित में से किस श्रेणी के अंतर्गत आता है और इसके मुख्य नैदानिक लक्षण क्या हैं? → विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) तथा 'डिसफैसिया' (Dysphasia) जैसी विकासात्मक न्यूरोलॉजिकल और संवेदी-प्रेरक (Sensorimotor) विकृतियों के तात्विक एवं नैदानिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक को अपने शरीर के अंगों में सूक्ष्म पेशीय समन्वय (Fine Motor Coordination) स्थापित करने—जैसे जूते के फीते बांधना, पेंसिल पकड़कर स्पष्ट लिखना, या बटन लगाना—में गंभीर कठिनाई होती है, और साथ ही उसे मौखिक भाषा को समझने या अपने विचारों को मौखिक रूप से संप्रेषित करने में भी बाधा का सामना करना पड़ता है, तो इन दोनों विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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