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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) तथा एलिज़ाबेथ फेरेल (Elizabeth Farrell) के ऐतिहासिक योगदान और 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005' (NCF 2005) तथा 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act 2009) के अंतर्गत 'समावेशी शिक्षा के मुख्यधारा (Mainstreaming), एकीकरण (Integration) और पूर्ण समावेशन (Full Inclusion)' के दार्शनिक और वैधानिक सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: 'पूर्ण समावेशन' (Full Inclusion) समावेशी शिक्षा की वह उन्नत अवधारणा है जिसमें किसी भी प्रकार के पृथक्करण या विशेष कक्षाओं को नकारते हुए यह स्वीकार किया जाता है कि प्रत्येक बालक अद्वितीय है और सामान्य विद्यालय प्रणाली को ही अपनी संरचना, पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धतियों में ऐसा परिवर्तन करना चाहिए जो सभी प्रकार की विविध आवश्यकताओं (CWSN) वाले विद्यार्थियों का एक साथ स्वागत और समर्थन कर सके। इसके विपरीत, एकीकरण (Integration) में बच्चे को व्यवस्था के अनुसार ढलना पड़ता था, जबकि समावेशन में व्यवस्था बच्चे के अनुकूल बनती है। NCF 2005 और RTE Act 2009 दोनों ही इसी पूर्ण समावेशन के दृष्टिकोण का पुरजोर समर्थन करते हैं।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक' के संदर्भ में, विशेष रूप से 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (Autism Spectrum Disorder - ASD) से ग्रसित बालकों की मुख्य मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' प्रकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'व्यंजन संधि' के नियमों के अनुसार, यदि किसी वर्ग के पहले वर्ण (क, च, ट, त, प्) के आगे कोई अनुनासिक वर्ण (ङ, ञ, ण, न, म) आए, तो क, च, ट, त, प् अपने ही वर्ग के पांचवें वर्ण में बदल जाते हैं (जैसे- वाक् + मय = वाङ्मय)।
2. 'विसर्ग संधि' के एक नियम के अनुसार, यदि विसर्ग के पूर्व 'इ' या 'उ' हो और बाद में 'क', 'ख', 'प', 'फ' में से कोई वर्ण आए, तो विसर्ग का परिवर्तन 'ष्' (मूर्धन्य ष) में हो जाता है (जैसे- निः + फल = निष्फल)।
3. 'स्वर संधि' के अंतर्गत 'यण संधि' का नियम कहता है कि यदि 'इ/ई', 'उ/ऊ', या 'ऋ' के बाद कोई असमान स्वर आए, तो क्रमशः उनका परिवर्तन 'य', 'व', और 'र' में हो जाता है, और यह संधि अयादि संधि का एक उपभेद मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायुगत संदर्भ में, 'दक्षिणी पठारी क्षेत्र' की प्रमुख मृदाओं और उनकी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ मुख्य रूप से चिकनी (Clayey) प्रकृति की होती हैं, जिनमें जल धारण करने की क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. 'परवा' (Parwa) मृदा हल्के लाल और भूरे रंग की बलुई-दोमट प्रकार की मिट्टी होती है, जो इस पठारी क्षेत्र के कम उपजाऊ ढलानों और ऊपरी हिस्सों में पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के लिए नलकूपों और तालाबों की अधिक आवश्यकता होती है।
3. 'मांड' या 'माड़' मृदा मुख्य रूप से काली मिट्टी से मिलती-जुलती होती है, जो उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी जिलों (जैसे- हमीरपुर, जालौन, बांदा और ललितपुर) में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है और इसमें रबी तथा खरीफ दोनों फसलों की बंपर पैदावार होती है बिना किसी उर्वरक के।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएँ हैं?
1. 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का विकास, जिसके अंतर्गत बच्चा यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के रूप, आकार या बर्तन बदलने पर उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता, जिससे बच्चा किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम (Dimension) से देखने के बजाय एक ही समय में उसके कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
3. 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) का पूरी तरह से विकास, जिसके माध्यम से बच्चा अमूर्त विचारों और काल्पनिक परिस्थितियों के आधार पर तार्किक निष्कर्ष निकालने में सक्षम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) की कक्षा में 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा' (NCF 2005) के मार्गदर्शन और उपागम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक स्वतंत्र विषय के रूप में कक्षा 1 और 2 से ही पढ़ाया जाना चाहिए, जिसमें विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की अवधारणाओं को एकीकृत किया गया हो।
2. NCF 2005 के अनुसार EVS का पाठ्यक्रम छह प्रमुख थीमों (Themes) पर आधारित है: परिवार और मित्र, भोजन, पानी, आश्रय, यात्रा, और 'हम चीजें कैसे बनाते हैं'।
3. यह विषय बच्चों के स्थानीय परिवेश और वास्तविक जीवन के अनुभवों को विद्यालय के ज्ञान से जोड़ने पर बल देता है, जिससे रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति मिल सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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