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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचनात्मक मॉडलों' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना का सिद्धांत' (Structure of Intellect - SI Model) के अंतर्गत 'संक्रियाएँ' (Operations), 'विषयवस्तु' (Contents), और 'उत्पाद' (Products) के त्रि-आयामी (3D) स्वरूप—जिसमें आरंभीकरण के 120 तत्त्वों से लेकर अंततः 150 और 180 स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं का वर्गीकरण किया गया है—तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल और ठोस बुद्धि सिद्धांत' (Fluid and Crystallized Intelligence Theory) के अंतर्गत 'तरल बुद्धि' ($g_f$) जो आनुवंशिक एवं जैविक क्षमताओं पर आधारित होती है तथा 'ठोस बुद्धि' ($g_c$) जो पर्यावरणीय अनुभवों एवं सांस्कृतिक अधिगम पर निर्भर करती है, के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में जे.पी. गिलफोर्ड के 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect - SI Model) और रेमंड कैटल के 'तरल एवं ठोस बुद्धि' (Fluid & Crystallized Intelligence) सिद्धांतों के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों का गहराई से विश्लेषण किया गया है। गिलफोर्ड का मॉडल बुद्धि को संक्रियाओं (Operations), विषयवस्तु (Contents) और उत्पादों (Products) के तीन आयामों में विभाजित करता है, जिसमें 180 क्षमताएँ शामिल हैं और इसमें 'अपसारी एवं अभिसारी चिंतन' जैसी संक्रियाएँ प्रमुख हैं। वहीं, कैटल के अनुसार 'तरल बुद्धि' ($g_f$) जैविक और जन्मजात होती है (जो गिलफोर्ड की मौलिक संक्रियात्मक क्षमताओं के समीप है), और 'ठोस बुद्धि' ($g_c$) पर्यावरणीय, शैक्षणिक और सांस्कृतिक अनुभवों से अर्जित होती है (जो गिलफोर्ड के 'उत्पाद' आयाम के संचित ज्ञान से मेल खाती है)। अतः विकल्प 'b' इस सैद्धांतिक अंतर्संबंध को सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लॉरेन्स कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को मुख्य रूप से तीन स्तरों (Levels) और प्रत्येक स्तर में दो-दो अवस्थाओं (Stages) यानी कुल छह अवस्थाओं में विभाजित किया है, जिसका अध्ययन करने के लिए उन्होंने 'डिलेमा' (Dilemma - दुविधा) कहानियों, विशेष रूप से 'हाइन्ज डिलेमा' (Heinz Dilemma) का उपयोग किया था।
2. 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Pre-conventional Level - लगभग 4 से 10 वर्ष) की दूसरी अवस्था 'सापेक्षिक सुखवादी अभिविन्यास' (Instrumental Relativist Orientation) से संबंधित है, जिसमें बालक दूसरों की भलाई के लिए नहीं बल्कि केवल अपने स्वार्थ, व्यक्तिगत लाभ या 'जैसे को तैसा' (Tit for Tat) के आदान-प्रदान के नियम के आधार पर निर्णय लेता है।
3. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Post-conventional Level) की अंतिम अवस्था (छठी अवस्था) 'सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) कहलाती है, जिसमें व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों की परवाह किए बिना अपने अंतःकरण, मानवाधिकारों और न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है, भले ही वे कानून के विरुद्ध क्यों न हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण में 'मौन पठन' (Silent Reading) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और तार्किक है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity) और divergent thinking के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जिलफोर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एक्सेक्यूटीव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network) के सहयोगात्मक सक्रियण की गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण'—'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/प्रद्भवन' (Incubation), 'प्रदीप्ति/रोशनी' (Illumination), और 'सत्यापन' (Verification)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अभिनव उपागमों और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय मौलिकता एवं लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 (नौ) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की भिन्न-भिन्न मृदा, तापमान और वर्षा की स्थिति को दर्शाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से बलुई-दोमट और जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जो गन्ने और गेहूँ की खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है।
3. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मिट्टी होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और इन्हें जुताई के लिए अत्यधिक भारी वर्षा की आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के शिक्षा, इतिहास और सांस्कृतिक संस्थानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में 'राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद' (SCERT, उत्तर प्रदेश) की स्थापना वर्ष 1981 में लखनऊ में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा-पूर्व और सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना तथा पाठ्यक्रम का विकास करना है।
2. भारतीय शिक्षा के इतिहास में 'वुड का डिस्पैच' (Wood's Despatch, 1854) को 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, जिसकी संस्तुति के आधार पर ही वर्ष 1887 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) की स्थापना की गई थी जो उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।
3. उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने तथा गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से 'उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम' वर्ष 1972 में पारित किया गया था, जिसके अंतर्गत 'बेसिक शिक्षा परिषद' का गठन किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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