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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत तीन प्रमुख स्तरों—'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level), 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level), और 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level)—के अंतर्गत वर्णित कुल छह अवस्थाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा करोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रस्तुत 'देखभाल का नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के अंतर्गत 'उत्तरदायित्व और संबंधों' के नारीवादी परिप्रेक्ष्य के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग ने नैतिक विकास के अपने सिद्धांत में न्याय (Justice) और नियमों के पालन को आधार बनाया, जिसके तहत उत्तर-पारंपरिक स्तर की अंतिम अवस्था 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण' में व्यक्ति व्यक्तिगत अंतःकरण और सार्वभौमिक मानवाधिकारों के आधार पर निर्णय लेता है। इसके विपरीत, उनकी पूर्व सहकर्मी करोल गिलिगन (Carol Gilligan) ने 'इन अ डिफरेंट वॉइस' (1982) में कोहलबर्ग के मॉडल की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग का शोध मुख्य रूप से पुरुषों पर आधारित था और यह महिलाओं के नैतिक विकास के उस पहलू की उपेक्षा करता है जो 'संबंधों' और 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) पर आधारित होता है। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सिद्धांत' (Theories of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning: सकारात्मक सुदृढीकरण, नकारात्मक सुदृढीकरण और सजा) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Nucleus Accumbens), 'वेंट्रल टैग्मेंटल एरिया' (Ventral Tegmental Area - VTA), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच डोपामिनर्जिक रिवॉर्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway), साहचर्य अधिगम (Associative Learning), और कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड थॉर्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-बिहेवियरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Behavioral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुकूली व्यवहार shaping, सुदृढीकरण रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़ मृदा' को 'खादर' (Khadar) कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है, किंतु नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी और भारी काली मिट्टी जैसी होती हैं, जो सूखने पर कठोर हो जाती हैं और जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है।
3. राज्य के पर्वतीय एवं तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'राँड़' (Randh) और 'पंडुवा' (Parwa) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ होती हैं और उनमें रासायनिक उर्वरकों के बिना भी धान और गेहूँ की बंपर पैदावार होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन और भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रूप से तीन स्पष्ट प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित है: भावर-तराई क्षेत्र, गंगा-यमुना का विशाल मैदान, और दक्षिण का पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र।
2. 'भावर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकरी पट्टी है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत के नीचे विलुप्त हो जाती हैं और आगे चलकर 'तराई' क्षेत्र में धरातल पर पुनः प्रकट होती हैं।
3. उत्तर प्रदेश का दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्राचीन गोंडवाना लैंड का एक भाग है, जिसकी उत्तरी सीमा यमुना और गंगा नदियाँ निर्धारित करती हैं, और इस क्षेत्र में मुख्य रूप से लाल मृदा जैसे 'मार', 'परवा', 'मारू' और 'काबर' पाई जाती हैं।
4. उत्तर प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा मैदानी क्षेत्र (गंगा-यमुना का मैदान) द्वारा आच्छादित है, जो अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा से निर्मित है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिसग्राफिया (Dysgraphia - लेखन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, मार्सिया लिनोकर (Marcia Linehan) और अन्य न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट्स द्वारा विश्लेषित 'डिसग्राफिया' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'सुपीरियर पैराइटल लोब' (Superior Parietal Lobe), 'एक्स्रिएट कॉर्टेक्स' (Exstriate Cortex) और 'मोटोइंडेक्स मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex - विशेषकर हैंड-रिप्रेजेंटेशन एरिया) के बीच विजुअल-स्पेशियल वर्किंग मेमोरी, फाइन-मोटर प्लानिंग और ऑर्थोग्राफिक मोटर इंटीग्रेशन की सक्रियण विसंगति, तथा रुडोल्फ बर्लिन (Rudolf Berlin) द्वारा गढ़े गए एवं आधुनिक शोधों में प्रतिपादित 'लेखन अक्षमता के न्यूरो-मोटर स्वरूप' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक ग्राफिक शिक्षाशास्त्र (Remedial Graphic Pedagogy) और विद्यार्थियों में किनेस्थेटिक राइटिंग एप्रोच (Kinesthetic Writing Approach), द्विपक्षीय समन्वय और स्थानिक-दृश्य (Visuo-spatial) मोटर नियंत्रण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और सूचना प्रसंस्करण (Memory and Information Processing) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ़्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टी-स्टोर मेमोरी मॉडल' (Multi-Store Model of Memory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी रजिस्टर' (Sensory Register), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी अवधारण, कार्यशील स्मृति (Working Memory) और दीर्घकालिक स्मृति समेकन (Long-Term Memory Consolidation) की सक्रियण गतिकी, तथा फर्ग्यू Craik और रॉबर्ट लॉकहार्ट (Fergus Craik and Robert Lockhart) द्वारा प्रतिपादित 'प्रोसेसिंग स्तर मॉडल' (Levels of Processing Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अर्थपूर्ण एनकोडिंग रणनीतियों (Meaningful Encoding Strategies) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक प्रतिधारण (Cognitive Retention) व उच्च-क्रम के बोध के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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