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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांतों' (Theories of Memory and Forgetting) के संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और 'निरर्थक शब्दांशों' के प्रयोग से जुड़े मात्रात्मक विश्लेषण के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जॉन ब्रॉडस वॉटसन (John B. Watson) और इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन से इतर, हर्बर्ट साइमन (Herbert Simon) तथा रिचर्ड एटलकिन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) के तीन प्रमुख घटकों—'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory), 'अल्पकालिक स्मृति/कार्यकारी स्मृति' (Short-term/Working Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-term Memory)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में स्मृति (Memory) और विस्मरण (Forgetting) के दो प्रमुख सिद्धांतों—हरमन एबिंगहॉउस के 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और एटकिंसन-शिफ्रिन (Atkinson-Shiffrin) के 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model)—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों का परीक्षण किया गया है। एबिंगहॉउस के प्रयोगों (निरर्थक शब्दांशों पर) से यह ज्ञात हुआ कि अधिगम के तुरंत बाद विस्मरण बहुत तेजी से होता है (Initial drop is steep) और फिर समय के साथ वक्र स्थिर होने लगता है। दूसरी ओर, एटकिंसन-शिफ्रिन मॉडल (1968) के अनुसार, स्मृति तीन चरणों में कार्य करती है: संवेदी स्मृति (Sensory Memory - अत्यंत अल्पकालिक), अल्पकालिक/कार्यकारी स्मृति (STM - जिसकी क्षमता लगभग 7±2 आइटम्स होती है), और दीर्घकालिक स्मृति (LTM - जिसकी क्षमता असीमित होती है)। STM से LTM में सूचना को भेजने के लिए 'पुनरावृत्ति' (Rehearsal) और 'संकेतन' (Encoding) आवश्यक होते हैं। अतः विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक प्रक्रिया का सबसे सटीक और वैज्ञानिक वर्णन करता है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा प्रकार और अपवाह तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) की मुख्य नदियाँ चंबल, बेतवा, केन और सोन हैं, जो अधिकांशतः दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होकर यमुना या सीधे गंगा नदी में मिलती हैं।
2. उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएं अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदाओं का प्रकार हैं, जो मुख्य रूप से गंगा-यमुना के मध्य मैदानी क्षेत्रों में पाई जाती हैं और धान की खेती के लिए सर्वोत्तम मानी जाती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में उत्तर की ओर से आने वाली नदियाँ दलदली और घने जंगलों वाले क्षेत्र का निर्माण करती हैं, जो अत्यधिक उपजाऊ होने के साथ-साथ सघन वनों और लंबी घासों के लिए जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन की प्रणालियों' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Taxonomy of Educational Objectives) के संज्ञानात्मक पक्ष (Cognitive Domain) के संशोधित संस्करण (लॉर एंड एंडरसन, 2001) के अंतर्गत वर्णित छह स्तरों—'स्मरण करना' (Remembering), 'समझना' (Understanding), 'प्रयोग करना' (Applying), 'विश्लेषण करना' (Analyzing), 'मूल्यांकन करना' (Evaluating), और 'सृजन करना' (Creating)—के वैज्ञानिक एवं तार्किक स्वरूप, तथा नॉर्मन ग्रोनलुंड (Norman Gronlund) और रॉबर्ट मेगर (Robert Mager) द्वारा प्रतिपादित 'शिक्षण उद्देश्यों के निर्धारण और निष्पादन मूल्यांकन' (Behavioral Objectives Formulation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और विकासात्मक विकारों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक आकलन' के संदर्भ में, 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिस्कैलकुलिया' (Dyscalculia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं गोलार्ध के सुपीरियर पैराइटल लोब' (Superior Parietal Lobe) और 'एंगुलर गायरस' (Angular Gyrus) की स्थानिक-संख्यात्मक एकीकरण तथा दृश्य-मोटर समन्वय विफलता की प्रक्रिया, तथा स्टेनिसलास डियाहेन (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'संख्यात्मक प्रसंकरण के ट्रिपल-कोड मॉडल' (Triple-Code Model of Numerical Processing) के अंतर्गत 'विजुअल नंबर फॉर्म', 'वर्बल ऑडिटरी वर्ड-फ्रेम', और 'एनालॉग मेन्टाल नंबर लाइन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक गणितीय शिक्षण और विद्यार्थियों में संख्यात्मक बोध तथा ग्राफमोटर दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा जैव-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में 'नाइट्रोजन चक्र' (Nitrogen Cycle) और इसकी विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N2) को पौधों द्वारा सीधे सीधे रूप में ग्रहण नहीं किया जा सकता है, इसलिए 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) प्रक्रिया के तहत कुछ विशिष्ट सूक्ष्मजीव जैसे राइजोबियम (Rhizobium), एजोटोबैक्टर (Azotobacter) और नीले-हरे शैवाल (Cyanobacteria) इसे अमोनिया या नाइट्रेट यौगिकों में बदलते हैं।
2. 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत मृदा में मौजूद अमोनिया को पहले नाइट्रोसोमोनास (Nitrosomonas) बैक्टीरिया द्वारा नाइट्राइट में और फिर नाइट्रोबैक्टर (Nitrobacter) बैक्टीरिया द्वारा नाइट्रेट में परिवर्तित किया जाता है, जिसे पौधे आसानी से अवशोषित कर लेते हैं।
3. 'डिट्रीफिकेशन' (Denitrification) या विनाइट्रीकरण प्रक्रिया के दौरान स्यूडोमोनास (Pseudomonas) जैसे विनाइट्रीकारी बैक्टीरिया मृदा में उपस्थित नाइट्रेट्स को वापस गैसीय नाइट्रोजन (N2) में बदलकर वायुमंडल में मुक्त कर देते हैं, जिससे नाइट्रोजन का वैश्विक संतुलन बना रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन पाटन या मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'भाषा नेटवर्क' (Broca's & Wernicke's Areas) के बीच सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation), संज्ञानात्मक नियंत्रण, और अंतःविषयी सिंक्रनाइज़ेशन की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'स्कैफोल्डिंग अवधारणा' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, विनियमित संज्ञान (Regulated Cognition) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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